देवरिया में गौरैया संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ब्लूमिंग रोज एकेडमी में एक ड्राइंग एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अर्चना फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने गौरैया के महत्व को दर्शाती कलाकृतियां बनाईं। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्य अंजली यादव ने मुख्य अतिथि डीएफओ अनुपम मौर्य का स्वागत कर किया। अर्चना फाउंडेशन के ट्रस्टी अध्यक्ष हिमांशु कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय ‘सेव द स्पैरो, सेव द नेचर’ था, जिसका उद्देश्य बच्चों में गौरैया संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। हिमांशु सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते प्रदूषण के कारण गौरैया की संख्या में कमी आई है। उन्होंने गौरैया को अपने आसपास फिर से बसाने के प्रयासों पर जोर दिया, क्योंकि इन्हें घर-आंगन में शुभता का प्रतीक माना जाता है। अर्चना फाउंडेशन विश्व गौरैया दिवस की पूर्व संध्या पर एक सप्ताह का गौरैया संरक्षण पखवाड़ा मना रहा है। इस पखवाड़े के तहत विभिन्न विद्यालयों में पर्यावरण मित्र क्लब की स्थापना, जागरूकता कार्यक्रम, चित्र प्रदर्शनी, निशुल्क घोंसला वितरण और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य अतिथि डीएफओ अनुपम मौर्य ने गौरैया को पर्यावरण का प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, तेज ध्वनि और मोबाइल टावरों की तरंगों के कारण इनकी संख्या में कमी आई है। मौर्य ने लोगों से अपील की कि वे घरों की छतों और आंगन में दाना-पानी रखकर इन पक्षियों के संरक्षण में सहयोग करें। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मानवी सिंह, रिया पाल, अदिति चौरसिया, मानसी मधेसिया और अनुष्का सिंह को स्मृति चिन्ह और गौरैया घोंसला देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजय पटेल, अश्वनी कन्नौजिया, सुभाष चंद यादव, अजय विश्वकर्मा, उज्जवल विश्वकर्मा, आलोक कुशवाहा, गीतांजलि सिंह, पूर्णिमा सिंह सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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