सपा ने फूलन देवी की बड़ी बहन रुक्मिणी देवी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसकी घोषणा बुधवार को सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की। 67 साल की रुक्मिणी देवी की नियुक्ति सपा प्रमुख अखिलेश यादव की रजामंदी के बाद की गई। रुक्मिणी को रूबी श्रीवास्तव की जगह नियुक्त किया गया है। रुक्मिणी मूलरूप से जालौन की रहने वाली हैं। रुक्मिणी को क्यों मिली नियुक्ति
माना जा रहा है कि यह नियुक्ति सिर्फ एक रुटीन बदलाव नहीं, सपा की PDA रणनीति का हिस्सा है। निषाद वोटबैंक में सेंध लगाने के लिए सपा ने रुक्मिणी को चुना है। यूपी में निषाद-मल्लाह समुदाय बड़ी पिछड़ी जाति हैं। पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में इनका अच्छा-खासा प्रभाव है। अखिलेश यादव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस समुदाय को और मजबूती से जोड़ना चाहते हैं। सपा का महिलाओं पर फोकस
चुनाव से पहले अखिलेश यादव महिलाओं पर फोकस कर रहे हैं। हाल ही में अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए नारी समृद्धि सम्मान योजना का ऐलान किया था। अब फूलन देवी की बहन रुक्मिणी देवी को महिला सभा की कमान सौंपी है। इससे पार्टी खासकर पिछड़ी जाति की महिलाओं के बीच संदेश दे रही है कि सपा महिलाओं का सम्मान करती है। बुंदेलखंड में सक्रिय रहती हैं रुक्मिणी देवी
रुक्मिणी देवी जालौन के गांव शेखपुर गुड्ढा पुरवा की रहने वाली हैं। वह बुंदेलखंड में राजनीतिक और सामाजिक तौर पर सक्रिय मानी जाती हैं। उनकी शादी औरैया के बूढ़ा दाना गांव में हुई थी। पारिवारिक रूप से भी वह मजबूत पृष्ठभूमि रखती हैं। उनके 3 बेटे और 2 बेटियां हैं। वर्तमान में वह अपने गांव के साथ ग्वालियर में भी समय बिताती हैं। वहां उनके बड़े बेटे मथुरा पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। अन्य बेटों के नाम संतोष और छुन्ना हैं। अखिलेश ने गिफ्ट की थी स्कॉर्पियो
रुक्मिणी देवी सपा जॉइन करने से पहले प्रगतिशील मानव समाज पार्टी में थीं। उन्होंने इस पार्टी से फतेहपुर सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। इसके बाद 2019 में रुक्मिणी देवी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं। सपा में उन्हें अभी तक कोई पद नहीं दिया गया था। रुक्मणि देवी सपा में निषाद समाज की पहली महिला प्रदेश अध्यक्ष हैं। इससे पहले की प्रदेश अध्यक्ष – मधु गुप्ता, सुशीला सरोज, गीता सिंह, लीलावती कुशवाहा और रूबी श्रीवास्तव रही हैं। बताया जाता है कि हाल ही में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रुक्मणि देवी को स्कॉर्पियो गाड़ी भी गिफ्ट की थी। 2022 के चुनाव में निषाद पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में यूपी के मंत्री संजय निषाद की निषाद पार्टी ने कालपी सीट पर मजबूती से चुनाव लड़ा था। निषाद पार्टी करीब 2300 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रही थी, जबकि सपा प्रत्याशी को जीत मिली थी। ऐसे में इस क्षेत्र में निषाद समाज का प्रभाव अहम माना जाता है। निषाद समुदाय में केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, नोनिया, मांझी उपजातियां शामिल हैं। यह मुख्य रूप से नदी-नालों और मछली पालन से जुड़ा हुआ OBC समुदाय है। यूपी में निषाद कितने प्रभावी? उत्तर प्रदेश में निषाद समाज का 4.5%के लगभग वोट बैंक है। उत्तर प्रदेश की 80 विधानसभा सीटों पर निषाद वोटर्स की संख्या एक लाख के आसपास है। प्रदेश की 160 सीटों को निषाद समाज प्रभावित करते हैं। प्रदेश में निषाद समाज की संख्या 4.5 प्रतिशत के लगभग है। हालांकि इसकी कई उपजातियों की गिनती अलग से की जाती है। यदि सभी उप जातियों को मिला दें तो लगभग 9 प्रतिशत है। प्रदेश में गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर, फतेहपुर आदि जिलों में निषाद बड़ी संख्या में हैं। 2022 विधानसभा में NDA गठबंधन में निषाद पार्टी ने 15 सीटों पर लड़ी थी। तब 9 सीटों पर उसे जीत मिली थी। इसमें से 6 उसके सिंबल पर जीते थे। अन्य भाजपा के सिंबल पर चुने गए थे। अब जानिए फूलन देवी के बारे में ………………… ये खबर भी पढ़िए… रिंकू सिंह बोले- जल्द CM योगी का आशीर्वाद लेने आऊंगा, अपना RSO का जॉइनिंग लेटर लूंगा; IPL के चलते लखनऊ नहीं आ पाया ‘IPL टीम KKR के साथ होने के कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाया था। क्रिकेट शेड्यूल के चलते मेरी पहले से प्राथमिकता थी। इस वजह से समारोह में उपस्थित नहीं रह पाया। मैं जल्द ही मुख्यमंत्री योगी से आशीर्वाद लेने लखनऊ आऊंगा। अपना RSO का जॉइनिंग लेटर लूंगा।’ यह बात बुधवार को क्रिकेटर रिंकू सिंह ने वीडियो जारी कर कही। उन्होंने सीएम योगी का आभार जताया। पूरी खबर पढ़िए…

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