फाजिलनगर में सड़क से सुरक्षा तक बदलाव किया:विधायक सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा बोले- तुर्कपट्टी को नगर पंचायत का दर्जा दिलाना सपना
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फाजिलनगर में सड़क से सुरक्षा तक बदलाव किया:विधायक सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा बोले- तुर्कपट्टी को नगर पंचायत का दर्जा दिलाना सपना
कुशीनगर जिले की फाजिलनगर विधानसभा सीट से विधायक सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा ने अपने चार साल के कार्यकाल को लेकर विकास कार्यों का दावा किया है। उन्होंने सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा, बिजली और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की बात कही और भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी अपनी राय रखी। सवाल : बीते चार सालों में आपने अपनी जनता के लिए क्या किया?
जवाब : फाजिलनगर का नाम बदलकर पावानगर किया गया, जो जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की परिनिर्वाण स्थली है। राजवटिया में बहुद्देश्यीय हब के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण शुरू होगा। इससे रोजगार, यातायात, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
सुरक्षा और जाम की समस्या को देखते हुए एनएच-28 पर फाजिलनगर और पटहेरवा में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। पटहेरवा और सुमही में विद्युत उपकेंद्र बनाकर बिजली व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है।
अपराध नियंत्रण के लिए चौराखास में पुलिस थाना स्थापित कराया गया है। इसके अलावा, फाजिलनगर और दुदही को नगर पंचायत का दर्जा दिलाया गया है। फाजिलनगर ब्लॉक को हाईटेक और आधुनिक बनाने के लिए सात करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सवाल: ऐसे कौन से काम हैं जो चार साल में पूरे नहीं हो पाए और आगे प्राथमिकता में हैं?
जवाब: तुर्कपट्टी में ऐतिहासिक सूर्य मंदिर का विकास, तुर्कपट्टी को नगर पंचायत का दर्जा दिलाना और सोहंग गांव में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। सवाल: क्या अगले चुनाव में पार्टी आपको पुनः टिकट देगी?
जवाब: मैं भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं और पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम करता हूं। आगे का निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा और वही सर्वोपरि होगा। सवाल: आपके ऊपर पिछले चुनाव में परिवारवाद का आरोप लगा था, इस पर क्या कहेंगे?
जवाब: मेरे पहले मेरे पिता गंगा सिंह कुशवाहा विधायक थे। मैं आरएसएस का बाल स्वयंसेवक रहा हूं और मेरे पिता भी संघ के प्रचारक रहे हैं। पार्टी ने मुझे टिकट दिया था, इसलिए यह आरोप निराधार है। सवाल: अपने चार साल के कार्यकाल को आप 10 में कितना नंबर देंगे?
जवाब: मैं अपने काम से संतुष्ट हूं और खुद को 10 में 10 नंबर देता हूं।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
