फर्रुखाबाद जिले में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर और जिले भर की ईदगाहों व मस्जिदों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईद की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गई। रमजान माह के समापन के बाद ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। शहर की नई ईदगाह, पुरानी ईदगाह, फतेहगढ़ ईदगाह, सुनहरी मस्जिद, नूरी मस्जिद और शमशेरखानी मस्जिद सहित अन्य स्थानों पर अलग-अलग समय पर नमाज अदा की गई। नई ईदगाह में मौलाना मोअज्जम अली ने नमाज पढ़ाई और गुनाहों से माफी तथा कब्रिस्तान व दरगाहों की हिफाजत की दुआ की। उन्होंने शैतानों व जालिमों से कौम और देश को बचाने, भाईचारे को मजबूत करने तथा मुल्क में अमन व मोहब्बत कायम रखने की प्रार्थना की। पुरानी दरगाह में मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी और फतेहगढ़ में मौलाना राशिद ने नमाज अदा कराई। ईदगाहों और मस्जिदों पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने विभिन्न स्थानों का जायजा लिया। सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय बीबीगंज चौकी पर मौजूद रहीं और उन्होंने सभी को ईद की बधाई दी। सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई। नमाज के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई। मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर पुलिस के जवान तैनात रहे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। ईद की नमाज अदा कर बाहर आए लोगों का कांग्रेस नेता शुभम तिवारी और उनकी टीम ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष नीरज ने भी स्टॉल लगाकर लोगों को ईद की बधाई दी और गले मिलकर मुबारकबाद दी। मोहम्मद शाकिर ने बताया की नवाज अदा की गई है। देश में अमन चैन का सभी लोग भाईचारे के साथ रहें यही दुआ की गई है। मजरुद्दीन ने बताया ईद की नमाज में सभी लोग भाईचारे के साथ रहे यही दुआ की गई है। हाजी अकील अहमद ने कहा प्रशासन द्वारा बहुत अच्छा इंतजाम किया गया बहुत अच्छे तरीके से ईद की नमाज अदा की गई है। हिंदू हो या मुसलमान सभी को मिलजुल कर रहना चाहिए। अमन-शांति और मोहब्बत को बढ़ावा दें मौलाना ने बताया कि ईद का त्योहार खुशियों का त्योहार है। हम चाहते हैं कि जैसे हमारे अंदर यह खुशी पैदा हुई है, वैसी ही खुशी पूरे मुल्क और पूरी दुनिया में फैले। इंसान एक-दूसरे की इज्जत करे। हमें इस दुनिया में ऊपर वाले ने भेजा है, इसलिए आपस में अमन, शांति और मोहब्बत को बढ़ावा देना चाहिए। हमें अपने से बड़ों का सम्मान करना चाहिए। दुनिया में जो जंग चल रही है, उससे हम बहुत दुखी हैं। हम ऊपर वाले से दुआ करते हैं कि यह जंग खत्म हो, ताकि लोगों की जान-माल सुरक्षित रहे और वे अमन और शांति के साथ अपनी जिंदगी गुजार सकें। हमारे मुल्क में जो हालात हैं, उन्हें भी ऊपर वाला दुरुस्त करे। यहां किसी तरह का भेदभाव न हो और लोग मेल-मोहब्बत के साथ वैसे ही रहें, जैसे हम सदियों से रहते आए हैं। यही मेरी दुआ और अपील है। काली पट्टी बांधकर अदा की गई नमाज: फर्रुखाबाद शहर की सुनहरी मस्जिद में ईद की नमाज अदा की गई। इस दौरान कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी। एक युवक अयातुल्ला अली हुसैनी खामेनेई की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने हुए था। नमाज के बाद कुछ लोगों ने नारेबाजी भी की— “तुम कितने हुसैनी मारोगे, हर घर से हुसैनी निकलेगा।” इस मौके पर मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कहा कि अयातुल्ला अली हुसैनी खामेनेई के साथ अमेरिका और इजरायल ने बेरहमी दिखाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में मासूम बच्चों के स्कूलों पर बमबारी की गई और उन्हें मारा गया। उन्होंने कहा कि इस बार ईद सादगी के साथ मनाई जा रही है। पहले जैसा जश्न इस बार नहीं हुआ। लोगों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर दुनिया को संदेश दिया है कि उनका संबंध ऐसी कौम से है, जो सिर कटा सकती है लेकिन सिर झुका नहीं सकती। उन्होंने आगे कहा कि जहां भी अत्याचार होगा, चाहे वह किसी भी देश में हो—सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान या दुनिया के किसी भी हिस्से में—हम उसके खिलाफ हैं। हम हर तरह के जुल्म और टॉर्चर का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश यही है कि जुल्म के आगे सरेंडर नहीं करना चाहिए, बल्कि उसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। हमारे इमामों और नेताओं ने भी यही स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में भी कई बड़े अधिकारी इस्तीफा दे रहे हैं और कह रहे हैं कि ईरान पर जबरन जंग थोपी गई है। दरगाह हजरत अब्बास पर भी कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।

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