फर्नीचर घोटाले में डीसी जेम प्रेमशंकर की जमानत खारिज:गोंडा मंडलीय कारागार में 6 दिन से बंद, कोर्ट ने खारिज की याचिका
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फर्नीचर घोटाले में डीसी जेम प्रेमशंकर की जमानत खारिज:गोंडा मंडलीय कारागार में 6 दिन से बंद, कोर्ट ने खारिज की याचिका
गोंडा जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर आपूर्ति के नाम पर रिश्वत और भ्रष्टाचार के मामले में जिला समन्वयक जेम पोर्टल प्रेम शंकर मिश्र की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, नित्या पांडे ने देवरिया निवासी प्रेम शंकर मिश्र की जमानत प्रार्थना को सुनवाई के बाद कोई ठोस आधार न मिलने के कारण खारिज कर दिया। प्रेम शंकर मिश्र 30 मार्च से गोंडा मंडलीय कारागार में बंद हैं। 4 नवंबर को मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज कुमार पांडे ने एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर प्रेम शंकर मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि 15 करोड़ रुपये के फर्नीचर आपूर्ति टेंडर के लिए प्रेम शंकर मिश्र, तत्कालीन निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी और जमानत पर बाहर आए जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्र ने 15 प्रतिशत कमीशन की मांग की। तीनों ने 50 लाख रुपये एडवांस और 26 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर लिए जाने का भी आरोप है। अतिरिक्त रिश्वत का मामला भी दर्ज प्रेम शंकर मिश्र पर 2 लाख रुपये अतिरिक्त रिश्वत लेने और 1 लाख रुपये वापस करने का भी आरोप है। कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। फरार चल रहे प्रेम शंकर मिश्र को पुलिस ने 30 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत खारिज होने के बाद जेल में ही रहेंगे आरोपी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदार अभिनव चतुर्वेदी ने जमानत खारिज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं मिला है। इस पूरे मामले में डीसी निर्माण विद्याभूषण मिश्र को भी नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, वह फिलहाल जमानत पर बाहर आ गए हैं।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
