प्रयागराज एसटीएफ ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो फर्जी आरसी बनाकर चोरी के ट्रक बेचता था। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों से पहले ट्रक चुराता था। इसके बाद अन्य राज्यों में कबाड़ हो चुके ट्रकों की फर्जी एनओसी तैयार कर चोरी के ट्रकों पर इनका चेचिस नंबर पंच कराकर इन्हें बेच दिया जाता था। गिरोह का सरगना गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गैंग में प्रयागराज आरटीओ का एक एजेंट भी शामिल है जिसकी तलाश की जा रही है। गिरोह के दो और सदस्य
एसटीएफ फील्ड इकाई कौशाम्बी में थी तभी पता चला कि इस गिरोह का सरगना कासिम अहमद अलीगंज गांव में बने यार्ड में मौजूद है। इस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया, हम लोगों का एक सक्रिय गिरोह है। गिरोह में मो० तारिक पुत्र मो० इस्माइल निवासी 250 मकवरा डिग्गी मेरठ व आरटीओ एजेंट अनिल तिवारी पुत्र श्रीकान्त तिवारी निवासी ग्यासुद्दीनपुर गंगा बिहार कॉलोनी थाना धूमनगंज भी शामिल हैं। हम लोग पहले अन्य प्रान्तों से चोरी कर लाए गए ट्रकों को अपने यार्ड में छिपाकर रखते हैं। साथ ही अन्य प्रान्तों से कबाड हो चुके ट्रकों के बारे में पता लगाते हैं। दूसरे ट्रक का चेचिस नंबर करते हैं पंच
इसके बाद तारिक इन ट्रकों को मेरे नाम से स्थानान्तरित करवाकर एनओसी प्राप्त कर लेता है। फिर अनिल तिवारी ट्रांसफर कराकर फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर तैयार करता है। आरटीओ कार्यालय से सत्यापन होने के बाद चेचिस नम्बर को नष्ट कराकर दूसरा चेचिस नम्बर पंच कराकर ट्रकों को ऊंचे दाम पर बेच देते हैं। यह है गिरोह का तरीका
2025 में श्रीराम फाइनेंस, प्रयागराज से एक ट्रक के लिए 44 लाख का लोन कराया गया था। किश्त अदायगी से बचने के उद्देश्य से हम लोगों ने असम से कबाड़ हो चुके एक ट्रक का पता लगाया। फिर रजिस्ट्रेशन प्रपत्र मेरे नाम से कराकर एनओसी प्राप्त कर ली और फिर एजेंट अनिल के माध्यम से इसे प्रयागराज में स्थानान्तरित कराकर नया रजिस्ट्रेशन नंबर ले लिया। साथ ही फाइनेंस कराए गए ट्रक का चेचिस नम्बर व नम्बर प्लेट बदलकर इसे 30 लाख में बेच दिया।
इससे पहले इसी तरह श्रीराम फाइनेंस से ही फाइनेंस कराए गए 02 ट्रकों को बेच चुके हैं। एसटीएफ अफसरों ने बताया के आरोपी को कौशाम्बी के कोखराज थाने में सौंप दिया गया है।

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