फतेहपुर के सदर कोतवाली के सिविल लाइंस निवासी विनोद श्रीवास्तव,जो जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं,ने सोमवार को अधिक मात्रा में नींद की गोलियां खा लीं।मंगलवार को उनका एक सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया,हालांकि दैनिक भास्कर इस वायरल सुसाइड नोट की पुष्टि नही करता है।जिसमें उन्होंने DIOS पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद DIOS कार्यालय को सील कर दिया गया है। वायरल सुसाइड नोट में विनोद श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि DIOS अपनी तैनाती के तीन माह बाद से उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने स्काउट गाइड भवन निर्माण की जिम्मेदारी विनोद को सौंपी थी, जिसमें वित्तीय अनियमितता की गई। विनोद को इस काम का भुगतान अपनी जेब से करना पड़ा। नोट में यह भी कहा गया है कि उनके पुत्र शिवम की नौकरी एक इंटर कॉलेज में लगी थी,लेकिन DIOS ने उसके काम का भुगतान नहीं किया और बाद में बेटे को नौकरी से निकाल दिया गया।विनोद ने एक कर्मचारी की रुपये लेकर नियुक्ति का भी आरोप लगाया,जो कर्मचारी स्काउट गाइड भवन में परिवार समेत रहता है।साथ ही, बाबुओं पर दबाव बनाकर कार्यालय में प्रपत्र अपलोड कराने की बात भी कही गई है। विनोद श्रीवास्तव ने निवर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल पर भी आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि मुखलाल पाल ने अपनी पत्नी पूनम को पार्टी में राज्य महिला आयोग में पद दिलाने के नाम पर उनसे 25 लाख रुपये लिए थे।विनोद ने यह राशि लोगों से कर्ज लेकर दी थी और अब कर्ज का ब्याज भरने के लिए उन्हें और कर्ज लेना पड़ा है। आयोग की सूची में नाम नहीं आने पर जब उन्होंने रुपये लौटाने की मांग की,तो मुखलाल पाल ने रुपये नहीं लौटाए और फोन उठाना भी बंद कर दिया।इस दौरान, विनोद ने शिक्षक नेता आलोक शुक्ला से भी कर्ज मांगा, जिन्होंने दो-दो लाख रुपये के चेक लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया और रुपये भी नहीं दिए। घटना के संबंध में एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रधान सहायक की हालत अब ठीक है। DIOS कार्यालय को सील कर दिया गया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाएगी।

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