फतेहपुर, उत्तर प्रदेश: फतेहपुर नगर पालिका परिषद में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और सीईओ पर अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए नीलामी प्रक्रिया रद्द करने का आरोप लगा है। सुबह से दुकानों की नीलामी का इंतजार कर रहे आवेदकों और सभासदों ने प्रक्रिया न होने पर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। नगर पालिका परिषद फतेहपुर ने बीते वर्ष अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न बाजारों में अपनी जमीन पर लगभग 40 दुकानों का निर्माण कराया था। इन दुकानों को व्यापारियों को पट्टे पर देने के लिए बुधवार को दोपहर 12 बजे सभी आवेदकों को बोली लगाने हेतु नगर पालिका फतेहपुर में बुलाया गया था। हालांकि, शाम 5 बजे तक चेयरमैन राजकुमार मौर्य और ईओ रविंद्र कुमार नगर पालिका नहीं पहुंचे, जिसके कारण नीलामी प्रक्रिया संपन्न नहीं हो सकी। इस स्थिति पर आवेदकों और सभासदों ने हंगामा किया और चेयरमैन व ईओ पर भ्रष्टाचार कर अपने चहेतों को दुकानें आवंटित करने के लिए जानबूझकर नीलामी न कराने का आरोप लगाया। नगर पालिका बोर्ड सदस्य और भाजपा सभासद विनय तिवारी ने बताया कि 4 से 5 लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चेयरमैन और ईओ नीलामी में उपस्थित नहीं हुए, जिससे दुकानों की नीलामी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे जिलाधिकारी (डीएम) से मिलकर जांच की मांग करेंगे।

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