अयोध्या के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के सरायखर्गी लहुरसरैया गांव में एक 18 वर्षीय दलित युवती ज्योति का शव शुक्रवार देर शाम घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों के अनुसार, परिवार के सदस्य खेत से काम करके घर लौटे तो मकान के गलियारे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। घर के भीतर झांककर देखने पर ज्योति का शव फंदे से लटका हुआ नजर आया। परिजनों ने छत के रास्ते घर के अंदर प्रवेश किया और दरवाजा खोलकर युवती को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। इसके बाद बीकापुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह को सूचना दी गई। सूचना पाकर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया। क्षेत्राधिकारी पीयूष पाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की। क्षेत्राधिकारी ने यह भी बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से अभी तक किसी प्रकार की शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि आखिर ज्योति ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, लेकिन युवती की मौत के पीछे की असली वजह अब भी एक रहस्य बनी हुई है।

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