सिटी रिपोर्टर | समस्तीपुर जिले के भादोघाट गांव में प्रेम संबंध और शादी के दावे के बीच एक महिला द्वारा युवक के घर के सामने डेरा डालकर अपनाने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभूतिपुर पटपारा गांव की कविता कुमारी ने पहले प्रेम विवाह किया था, लेकिन पति की बेवफाई से आहत होकर वह टूट गई। इसी दौरान उसकी मुलाकात भादोघाट निवासी सुनील कुमार से हुई, जिसने उसे नई जिंदगी का भरोसा दिया। कविता के अनुसार, वह काशीपुर स्थित एक कोचिंग संस्थान में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वहीं आत्महत्या का प्रयास करते समय सुनील और कोचिंग कर्मियों ने उसकी जान बचाई। इस घटना के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का दावा है कि दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे और सुनील उसे देवघर ले गया, जहां मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की गई। भास्कर न्यूज | विभूतिपुर रिश्तों की मर्यादा और प्रेम के वादों के बीच उलझी एक किशोरी इन दिनों न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। मामला विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां एक युवक पर अपनी दूर की रिश्तेदार (ममेरी-फुफेरी बहन) के साथ दिल्ली में करीब एक साल तक पति-पत्नी की तरह रहने और शादी करने के बाद अब उसे अपनाने से इनकार करने का आरोप है। पीड़िता के अनुसार वह दिल्ली में रह रही थी, वहीं उसकी मुलाकात विभूतिपुर थाना क्षेत्र के ही एक युवक से हुई। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और युवक ने शादी का प्रस्ताव रखा। किशोरी ने शुरू में ममेरे-फुफेरे रिश्ते का हवाला देकर इंकार किया, लेकिन युवक ने ‘दूर का रिश्ता’ बताते हुए उसे भरोसा दिलाया। पीड़िता का दावा है कि दोनों ने 8 जनवरी 2025 को दिल्ली में शादी कर ली और करीब एक वर्ष तक लिव-इन में साथ रहे। इसके बाद जब वह युवक के साथ उसके घर पहुंची तो ससुराल पक्ष ने उसे स्वीकार नहीं किया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट कर घर से भगा दिया गया। इसी बीच उसे जानकारी मिली कि 25 फरवरी को युवक की शादी दूसरी लड़की से तय कर दी गई है। घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं, जबकि वह खुद को पत्नी बताते हुए न्याय की गुहार लगा रही है। 19 फरवरी को किशोरी ‘112’ पुलिस टीम के साथ युवक के घर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार ने उसे साथ रखने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है और मां भी नहीं है। “दुनिया में मेरा कोई सहारा नहीं है। कविता का आरोप है कि जब उसने ससुराल ले चलने का दबाव बनाया तो सुनील ने परिवार की सहमति का हवाला देते हुए टालमटोल शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उसके मोबाइल से शादी से जुड़े फोटो और वीडियो भी डिलीट कर दिए और उससे दूरी बना ली। इसके बाद वह एनजीओ की मदद से भादोघाट पहुंची और पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। मामला अब महिला आयोग तक पहुंच गया है। आयोग की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर सुनवाई की तैयारी की जा रही है। ^युवक आवेदन लेकर पहुंचा था। लेकिन यहां सिर्फ महिलाओं की बात सुनी जाती है। जिस कारण उसे वापस कर दिया गया था। बाद में वह अपनी मां के साथ पहुंचा। उसकी बात सुनने के बाद महिला का पक्ष जानना जरूरी है। महिला थानाध्यक्ष को नोटिस कर उसे आयोग के समक्ष पेश करने को बोला गया है। दोनों पक्ष की बात सुनने के बाद इस मामले पर कोई फैसला लिया जाएगा। – अप्सरा मिश्रा, अध्यक्ष, बिहार महिला आयोग
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