प्रयागराज में एक इंटर डिस्ट्रिक्ट जाली करेंसी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस गैंग के चार मेंबरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 1.18 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद हुए हैं जिनमें 500 के 200 और 100 रुपये के 183 नोट शामिल हैं। इस रैकेट को देवरिया से ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार मेंबरों में से दो भदोही और दो देवरिया के रहने वाले हैं। रैकेट का सरगना देवरिया का ही रहने वाला विवेक यादव है जो जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है और अब विधायक का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पहले भदोही के रहने वाले दो युवक पकड़े गए
पुलिस अफसरों ने बताया, मैनुअल इनपुट मिला था कि कुछ लोग प्रयागराज के सरायइनायत इलाके में नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर सोमवार रात 10:00 बजे के करीब हाबूसा मोड के पास से राहुल यादव और विवेक कुमार यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह भदोही के रहने वाले हैं। उनके कब्जे से कुछ नोट बरामद हुए। जांच पड़ताल में पता चला कि यह नोट नकली हैं। सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने जो बताया उसे सुनकर पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए।
इन जिलों में खपाया जाता था
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह जाली करेंसी रैकेट के सदस्य हैं जो देवरिया से ऑपरेट हो रहा है। वहां ही यह जाली नोट तैयार किए जाते हैं और फिर इन्हें लाकर भदोही, प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, कौशाम्बी आदि जिलों में खपाया जाता था।
उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। इनके जरिए रैकेट के दो सदस्यों को 1.80 लाख के नकली नोट की सप्लाई के बहाने से बुलवाया और इसके बाद उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम नरेंद्र यादव उर्फ विराट और धर्मेंद्र कुमार बताया। दोनों देवरिया के गौरीबाजार और महाराजगंज क्षेत्र के रहने वाले हैं।
उनकी निशानदेही पर देवरिया में छापा मारकर लैपटॉप, दो प्रिंटर, सात पैकेट हाईक्वालिटी कोटिंग पेपर शीट, पांच फोन बरामद किए। उनसे पूछताछ में इस गैंग की पूरी मॉडस ऑपरेंडी सामने आई।
एक पहले भी जा चुका है जेल
गिरफ्तार धर्मेंद्र ने बताया, वह देवरिया का रहने वाला है। नकली नोट के साथ ही पकड़े जाने पर वह 2019 में थाना रामपुर करखाना से पूर्व में जेल जा चुका है। गैंग का सरगना विवेक यादव गौरी खुर्द थाना गौरी बाजार जनपद देवरिया का रहने वाला है। नोट की कटाई व प्रिंटर से छपाई का काम वह अपने कमरे पर ही करता है। इसके बाद वह और नरेंद्र नोटों की सप्लाई देते हैं। भदोही के राहुल व विवेक सरगना के रिश्तेदार हैं। सरगना के जरिए ही दोनों से संपर्क हुआ और फिर वह भदोही आकर उन्हें नोटों की सप्लाई देने लगे।
50 हजार में एक लाख के नोट
पूछताछ में राहुल व विवेक ने बताया कि उन्हें नकली नोट असली मूल्य के आधे दाम में मिलते थे। मतलब एक लाख मूल्य के नोट उन्हें 50 हजार में मिल जाते थे। इन नोटों को वह आसपास के जिलों के बाजारों में खपाते थे।
डीसीपी बोले
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया, सरगना की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार चार आरोपियों में से दो कोरियर यानी नोटों की सप्लाई करने वाले व दो नोट खपाने वाले हैं। सरगना के साथ ही एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। दोनों की तलाश की जा रही है। सरगना के जिला पंचायत सदस्य का चुनाव निर्दलीय लड़ चुका है, यह भी जानकारी मिली है ।

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