प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) द्वारा आयोजित भरत मुनि नाट्य समारोह के तहत सोमवार शाम केंद्र के प्रेक्षागृह में संगीतमयी नाटक “चंदा बेड़नी” का मंचन किया गया। बुंदेलखंड की लोककथा पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को आकर्षित किया और समाज में व्याप्त जातिवादी सोच तथा सामाजिक विषमताओं को उजागर किया। नाटक की कहानी चंदा नामक एक प्रतिभाशाली लोक नर्तकी के इर्द-गिर्द घूमती है। रितिका सेन ने चंदा के किरदार को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत किया। चंदा अपने नृत्य और गायन से सभी को मंत्रमुग्ध कर देती है। उसका आत्मसम्मान और संवेदनशीलता उसके व्यक्तित्व की मुख्य विशेषताएँ हैं। कहानी में तब मोड़ आता है जब एक राजा, जिसके पास पहले से ही कई रानियां हैं, चंदा की सुंदरता और कला से प्रभावित होकर उसे धन और वैभव का प्रलोभन देता है। राजा की भूमिका में प्रियांश चौरसिया ने प्रभावशाली अभिनय किया। हालांकि, चंदा का दिल गांव के सरल युवक लखन के लिए धड़कता है, जिसकी भूमिका देव वृश अहिरवार ने संवेदनशीलता के साथ निभाई। यहीं से प्रेम और सामाजिक संघर्ष की कहानी शुरू होती है। जातिगत भेदभाव और सामाजिक बंधनों के कारण चंदा और लखन का प्रेम धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। नाटक का अंत दर्शकों को समाज में प्रेम को जाति और परंपराओं की दीवारों में कैद करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है। नाटक के नृत्य संयोजन में नितिन गोंड का योगदान सराहनीय रहा। मंच परिकल्पना में प्रियांश, दीपेन्द्र, सागर, अखिलेश, संजू और देव ने उत्कृष्ट कार्य किया। सहायक भूमिकाओं में दीपेन्द्र सिंह लोधी, सागर सिंह ठाकुर, प्रिया गोस्वामी और संजू आठिया ने भी प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुबंधु, विशिष्ट अतिथि प्रिंस तथा मुकेश उपाध्याय और डॉ. आदित्य श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. राकेश सोनी और नाट्य निर्देशक डॉ. नीरज उपाध्याय को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय पुरषार्थी ने किया।

Leave a Reply