प्रयागराज के तेलियरगंज क्षेत्र में सोमवार को इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने एक प्रदर्शन और सभा का आयोजन किया। यह प्रदर्शन ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों, भारत की विदेश नीति, और देश में गैस, पेट्रोल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती किल्लत के विरोध में किया गया। इसमें संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां अमेरिकी प्रभुत्व के कमजोर होने का संकेत दे रही हैं, लेकिन भारत सरकार की नीतियां देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर रही हैं।
मौर्य ने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति अमेरिका समर्थित होती जा रही है, जिससे भारत के पारंपरिक संबंध प्रभावित हो रहे हैं। सुनील मौर्य ने आगे कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध की स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई परिस्थितियां उत्पन्न कर दी हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी देशों के बीच भी इस मुद्दे पर एकजुटता नहीं है और कई देश युद्ध से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे समय में भारत को स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति अपनानी चाहिए। संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष राधा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की विदेश नीति को अमेरिका-इजरायल गठजोड़ के प्रभाव में लाने से देश को नुकसान हो रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि इससे भारत अपने पड़ोसी देशों और पारंपरिक मित्र राष्ट्रों से भी दूर होता जा रहा है, जिसका अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर देश के भीतर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि गैस, पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की किल्लत बढ़ती जा रही है, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय विरोध करने वालों को दबाने का प्रयास कर रही है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से आम जनता की समस्याओं का समाधान करने और युद्ध जैसी स्थितियों के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। इस प्रदर्शन में नाजिया, वीरेंद्र, रामधारी, सोनू सहित कई अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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