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प्रधानों को जल शोधन प्रक्रिया समझाई गई:चित्रकूट में 30 अप्रैल तक सभी गांवों में जलापूर्ति का लक्ष्य
चित्रकूट में जल जीवन मिशन के तहत रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के अंतर्गत बुधवार को एक एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। इसमें मानिकपुर विकास खंड की 48 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को अगरहुण्डा स्थित 29 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा कराया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी के पूर्व निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया था। इस दौरान ग्राम प्रधानों को पेयजल शोधन की पूरी प्रक्रिया, विभिन्न ट्रीटमेंट संरचनाओं और योजना की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य कुल 78 गांवों के 28,925 घरों तक घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। योजना के तहत गुन्ता बांध से कच्चा पानी अगरहुण्डा प्लांट तक लाया जाता है। यहां विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं से पानी को शुद्ध कर क्लियर वाटर रिजर्वायर में संग्रहित किया जाता है। इसके बाद, 882 किलोमीटर के पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से पानी को 11 क्लियर वाटर रिजर्वायर (CWR) और 25 ओवरहेड टैंकों तक पंप किया जाता है। यहां से संबंधित गांवों में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाती है। वर्तमान में, 61 गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है। शेष गांवों में टेस्टिंग और कमिशनिंग का कार्य प्रगति पर है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि सभी लंबित कार्यों को 30 अप्रैल 2026 तक पूरा कर सभी गांवों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम प्रधानों के माध्यम से गांव स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देना और पानी के अनावश्यक अपव्यय के प्रति जन जागरूकता फैलाना है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) स्वप्निल यादव, ब्लॉक प्रमुख अरविंद मिश्रा, खंड विकास अधिकारी, जल निगम के अभियंता शशीकांत मौर्य, अवर अभियंता विजय यादव और प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष सुनील शुक्ला सहित संबंधित फर्म के प्रतिनिधि तथा ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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