उत्तर प्रदेश में मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम में भारी फेरबदल देखने को मिलेगा। 27 से 29 मार्च के बीच लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में उतार चढ़ाव के साथ पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना बन रही है। इधर, मंगलवार को प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री की बढ़त दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार व को भी प्रदेश भर में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। प्रयागराज रहा सबसे गर्म
मंगलवार को 35.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रयागराज सर्वाधिक गर्म रहा। वहीं, वाराणसी में 35.2 डिग्री और झांसी में 34.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकार्ड हुआ। 27 मार्च से होगी बारिश
मौसम वैज्ञानिक वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा- 27 मार्च को विक्षोभ के असर से पश्चिमी यूपी से बूंदाबांदी की शुरुआत होगी और इसका असर पूर्वी यूपी तक पहुंचेगा। वहीं, 29 मार्च को सक्रिय हो रहे विक्षोभ की तीव्रता अधिक आंकी जा रही है। इसके असर से पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। साथ ही तापमान में दोबारा बड़ी गिरावट आएगी। 3 तस्वीरें देखिए… अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम? सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं
बारिश से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है। आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ा है। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं और दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं और दाने झड़ सकते हैं। गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें। ————————

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