उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में एक भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रांत प्रचारक बताकर रौब झाड़ता और बड़े-बड़े दावे करता नजर आ रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कंधई थाना क्षेत्र के ग्राम तरदहा में गाटा संख्या 103 की भूमि को लेकर यह विवाद उत्पन्न हुआ है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि आलोक कुमार पाण्डेय नामक व्यक्ति इस जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। वायरल वीडियो में आलोक कुमार पाण्डेय स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि ‘कैबिनेट मंत्री उनके पैर छूते हैं’ और वे ‘प्रदेश की 26 करोड़ जनता को चलाते हैं’। पीड़ित का कहना है कि आरोपित इन कथनों के जरिए भय और दबाव बनाकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि आलोक कुमार पाण्डेय ने अपने परिजनों और लगभग 15 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर जियो-बीपी कंपनी के निर्माणाधीन पेट्रोल पंप का कार्य जबरन रुकवा दिया। विरोध करने पर उन्होंने दबंगई भी दिखाई। इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरएसएस में जिला, क्षेत्र या प्रांत प्रचारक का पद सामान्यतः अविवाहित व्यक्तियों को दिया जाता है। हालांकि, आरोपित आलोक कुमार पाण्डेय अपनी पत्नी के साथ स्वयं को प्रचारक बताकर संगठन का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे लेकर क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी देखी जा रही है। इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराते हुए अपनी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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