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पॉक्सो आरोपी बोला- उसी लड़की से शादी करूंगा:हाईकोर्ट ने कहा- शादी करके पेश हों, तब FIR रद्द होगी; 6 सप्ताह तक गिरफ्तारी पर रोक


                 पॉक्सो आरोपी बोला- उसी लड़की से शादी करूंगा:हाईकोर्ट ने कहा- शादी करके पेश हों, तब FIR रद्द होगी; 6 सप्ताह तक गिरफ्तारी पर रोक

पॉक्सो आरोपी बोला- उसी लड़की से शादी करूंगा:हाईकोर्ट ने कहा- शादी करके पेश हों, तब FIR रद्द होगी; 6 सप्ताह तक गिरफ्तारी पर रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाक्सो एक्ट के आरोपी की सपरिवार गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट में आरोपी ने कहा कि मैं उस लड़की से शादी करने के लिए तैयार हूं। इसके बाद न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा तथा न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। 31 मार्च को जज ने आदेश दिया कि 6 हफ्ते में शादी करके दोनों हलफनामे के साथ अगली सुनवाई की तिथि पर हाजिर हों। इसके बाद FIR रद्द होगी। खंडपीठ ने मुकेश कुमार और चार अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिया। मामला बलिया जिले का है। बलिया के नगरा थाने में इसी साल 6 जनवरी को मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया। इसमें पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला आरोपी ने FIR रद्द करने की याचिका लगाई थी बलिया की रहने वाली प्रीति (बदला हुआ नाम) ने मुकेश कुमार व अन्य को आरोपी बनाया। मुकेश पर रेप का आरोप लगा। जबकि तीन अन्य के खिलाफ दूसरे आरोप लगाए गए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी मुकेश कुमार और अन्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। 31 मार्च को हाईकोर्ट में इस याचिका पर लंबी सुनवाई चली। मुकेश की तरफ से अधिवक्ता अतुल कुमार पांडेय ने पक्ष रखा जबकि राज्य सरकार की की ओर से एजीए दलीलें दीं। एफआईआर दर्ज कराने वाली प्रीति की तरफ से अधिवक्ता विकास नारायण राय पेश हुए। वकील अतुल कुमार ने हाईकोर्ट में कहा कि तथ्यों पर गौर करें तो यह आपराधिक कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है। न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इसलिए एफआईआर को निरस्त किया जाना चाहिए। यह कार्रवाई दबाव बनाने और अनुचित लाभ लेने के लिए शुरू की गई है। घटना के 2 साल बाद केस दर्ज हुआ कहा कि घटना 10 अक्टूबर 2024 को हुई। मगर 3 महीने बाद 4 जनवरी 2024 को शिकायत की गई। इसके बाद वह चुप रही। फिर एक साल बाद 4 दिसंबर 2025 को अदालत में एफआईआर दर्ज करने की अर्जी दी। 6 जनवरी 2026 को FIR हुई। कहा कि FIR में दो प्रकार के आरोप लगाए गए हैं। पहला आरोप मुकेश कुमार पर है कि उसने रेप किया है। दूसरा आरोप अन्य लड़कों पर है। मगर घटना की तारीख एफआईआर में नहीं दी गई है।
उन्होंने कि लड़की मुकेश से शादी करना चाहती थी। जब मुकेश ने शादी करने से मना किया तो यह मामला दर्ज कराया गया। इसलिए केस को उस नजरिये से देखा जाना चाहिए। FIR रद्द की जाए। कोर्ट ने कहा- शादी कर हलफनामा के साथ आएं सुनवाई के दौरान कोर्ट में लड़के ने कहा कि वह उस लड़की से शादी करने के लिए तैयार है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि दोनों के भविष्य और पारिवारिक जीवन को देखते हुए लड़के की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाती है। इसका राज्य सरकार और लड़की के वकील ने विरोध नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि अगर दोनों शादी करने के लिए तैयार हैं तो शादी करने के बाद हलफनामे के साथ दोनों लोग पेश हों। कोर्ट ने इसके लिए 6 हफ्ते का समय दिया।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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