अलीगढ़ में प्लॉट में भैंस बांधने को लेकर चचेरे-भाई बहन में मारपीट हो गई। इसके बाद भाई ने 18 वर्षीय चचेरी बहन को पेट्रोल से नहलाकर आग लगा दी। लड़की की चीख सुनकर गांव वालों ने मिट्टी डालकर आग बुझाई। आग से लड़की का चेहरा और हाथ जल गया।
गांव वालों ने पुलिस को सूचना देकर लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस को देखकर आरोपी भाई अपने घर की छत पर चढ़ गया और अपने ऊपर भी पेट्रोल डाल लिया। उसने पुलिस को धमकी दी। कहा- अगर मुझे पकड़ा तो मैं खुद को आग लगा लूंगा। छत पर रखे सिलेंडर में आग लगाकर आप लोगों पर फेंक दूंगा। उसने कहा कि अगर मैं जेल गया तो बाहर आकर चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर देगा। पुलिस ने करीब 4 घंटे बाद पड़ोसी की छत से जाकर आरोपी को पकड़ लिया। घटना अतरौली थाना क्षेत्र की है।
विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… नवरात्र की पूजा करने के बाद खेत जा रही थी बहन खानपुर गांव के रहने वाले जयवीर सिंह दिवाकर ने बताया कि 21 मार्च की शाम मैं गांव में ही डेरी पर दूध डालने गए थे। यहां पर मेरा अपने भतीजे नीरू से विवाद हो गया था। 22 मार्च की सुबह भी जब मैं दूध डालने जा रहा था। तब फिर भतीजे ने मुझे रोक लिया और मेरे साथ मारपीट की। तब गांव वालों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। जयवीर की पत्नी चंद्रवती ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे बेटी नवरात्र की पूजा करने के बाद खेतों की तरफ जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में नीरू ने उसे रोक लिया। उसके साथ मारपीट की। फिर बोतल में भरा पेट्रोल बेटी के ऊपर सिर से डाल दिया। इसके बाद माचिस से आग लगा दी। इससे बेटी की चीख निकल गई। उसकी चीख सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे। उन्होंने मिट्टी डालकर आग को बुझाया। मगर तब तक रश्मि के हाथ, चेहरा और पेट गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस से बोला- मुझे पकड़ा तो खुद को आग लगा लूंगा गांव वालों ने एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। एंबुलेंस से उसे अतरौली सीएचसी ले जाया गया। जहां से उसकी हालत गंभीर देखते हुए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी नीरू घर की तीसरी मंजिल पर चढ़ गया। पुलिस के घर में प्रवेश करने की कोशिश पर उसने छत पर रखा गैस सिलेंडर उठा लिया। धमकी दी कि अगर कोई पास आया तो वह सिलेंडर में आग लगाकर नीचे फेंक देगा। इसके बाद उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया और आत्मदाह की धमकी दी। आरोपी बोला- जेल से छूटने के बाद चचेरे भाई को गोली मारेगा उसने कहा कि अगर मैं जेल गया तो बाहर आने के बाद बदला लूंगा। मैं जेल से बाहर आने के बाद चचेरे भाई रामनिवास की गोली मार कर हत्या कर दूंगा। इसके बाद पुलिस दमकल विभाग को भी बुला लिया। करीब 4 घंटे तक आरोपी हंगामा करता रहा। तभी पुलिस पड़ोसी के घर से छत पर पहुंची और आरोपी को अरेस्ट कर लिया। सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि युवती की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया कि दोनों पक्षों के बीच प्लॉट में भैंस बांधने को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। पहले भी कई बार झगड़े हो चुके हैं। आरोपी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज है। ……………………. ये खबर भी पढ़िए- फरसा वाले बाबा के शिष्य बोले- ट्रक से जानबूझकर कुचला:नागालैंड नंबर वाला कंटेनर क्यों छिपा रही पुलिस? CCTV से खुलेगा राज
मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत हादसा है या हत्या…इसकी गुत्थी उलझती जा रही है। बाबा के समर्थक इसे हत्या बता रहे, जबकि पुलिस हादसा बता रही है। पुलिस की थ्योरी है कि बाबा नागालैंड नंबर के कंटेनर को चेक कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी। चपेट में आने से बाबा की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…

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