पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की पंचकूला में हुई मौत का रहस्य तलाशने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) प्रयास में जुटी है। SIT ने अब मुस्तफा फैमिली के पंचकूला आवास में लगे घरेलू नौकरों व गार्डों को जांच में शामिल हाेने के लिए बुलाया है। SIT पंचकूला ने पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के 5 कर्मचारियों को सोमवार को बुलाया है। ये वे कर्मचारी हैं, जो घटना वाले दिन यानी 16 अक्टूबर को सेक्टर-4 में एमडीसी कोठी नंबर 25 पर मौजूद थे। पुलिस इन लोगों को जांच में शामिल कर पूछेगी कि आखिर उस दिन कैसे-कैसे घटनाक्रम चला। सुबह से लेकर रात साढ़े 9 बजे तक का पूरा ब्योरा इनसे लिया जाएगा। 16 अक्टूबर रात साढ़े 9 बजे अचेत अकील अख्तर का शव पंचकूला सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल पहुंचा था, जहां डॉक्टरों ने ब्रॉट डेड घोषित किया था। यानी मौत पहले ही हो चुकी थी। उस दिन मुस्तफा के अलावा उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, बेटी और पुत्रवधू घर पर मौजूद थे। पूर्व DGP से पूछताछ से पहले सबूत जुटा रही SIT
पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा फैमिली को जांच में शामिल करने से अभी SIT खुद परहेज कर रही है। क्योंकि SIT चाहती है कि जांच में फैमिली से सवाल करने के लिए उनके पास पहले कुछ ठोस तथ्य होने चाहिए। कुछ ऐसे साइंटिफिक तथ्य भी पुलिस चाह रही है, जिससे उनके सवाल-जवाब में मजबूती आए। हालांकि, इससे पहले मुस्तफा फैमिली को 23 अक्टूबर को जांच में शामिल होने का नोटिस दिया था, लेकिन तब वे जांच में शामिल नहीं हुए थे। तब पूर्व DGP ने तर्क दिया था कि उन्हें मालूम है कि केस CBI को जाएगा। राइटिंग सैंपल के लिए हो सकता है प्रयास
अकील अख्तर की डायरी में मिले सभी नोटों की हैंड राइटिंग की जांच के लिए एक्सपर्ट को भेजा जाएगा। इसके लिए पुलिस अकील अख्तर की सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज लिखावट के सैंपल लेने के लिए प्रयास शुरू कर सकती है। इसमें उसके एग्जाम की कॉपी, फॉर्म, बैंक अकाउंट में साइन जैसे डॉक्यूमेंट से सैंपल लिए जा सकते हैं। जिस मुस्तफा फैमिली पर FIR हुई, उनके बारे में जानिए… 1985 बैच के IPS, कैप्टन अमरिंदर के करीबी रहे मुस्तफा
मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के IPS रहे। पंजाब में कांग्रेस सरकार के वक्त मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबियों में मुस्तफा की गिनती होती थी। हालांकि, जब कैप्टन ने मुस्तफा को पंजाब पुलिस का DGP नहीं बनाया तो उनके रिश्ते बिगड़ गए। कैप्टन ने जब दिनकर गुप्ता को DGP बना दिया तो सिनियरिटी का हवाला देकर मुस्तफा सुप्रीम कोर्ट तक गए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद 2021 में मुस्तफा रिटायर हो गए। कांग्रेस ने साल 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM की कुर्सी से हटाया तो मुस्तफा कांग्रेस में सक्रिय हो गए। उन्होंने खुलकर कैप्टन के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। इस दौरान वह नवजोत सिद्धू के सलाहकार भी रहे। कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं पत्नी रजिया सुल्ताना
मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना ने साल 2000 की शुरुआत में राजनीति में एंट्री ली। इसके बाद 2002 और 2007 में लगातार 2 बार मालेरकोटला से कांग्रेस की टिकट पर विधायक रहीं। 2012 में वह चुनाव हार गईं, लेकिन 2017 में फिर चुनाव जीतकर कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई वाली सरकार में मंत्री रहीं। 2021 में कैप्टन की जगह चरणजीत चन्नी सीएम बन गए। फिर से रजिया को मंत्री बनाया गया। इसी बीच चन्नी से नाराज होकर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस की प्रधानगी पद से इस्तीफा दे दिया। इसके समर्थन में रजिया ने भी मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया। बाद में एक कैबिनेट मीटिंग में शामिल होकर उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। 2022 के चुनाव में वह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार से चुनाव हार गईं। पुत्रवधू रह चुकीं पंजाब वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन
मुस्तफा की पुत्रवधू को करीब 4 साल पहले पंजाब वक्फ बोर्ड का चेयरपर्सन बनाया गया था। ये नियुक्ति काफी सुर्खियों में रही थी। उस वक्त पंजाब वक्फ बोर्ड के चेयरपर्सन का पद एक महीने से खाली था। उनकी नियुक्ति शनिवार यानी छुट्टी वाले दिन हुई थी। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढे़ं… पंजाब पूर्व DGP के बेटे की डायरी में 10 नोट:2 बार ऑनलाइन जहरीले पदार्थ मंगाए; लिखा- ये लोग मुझे रास्ते से हटा सकते हैं पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत के बाद SIT को उसकी डायरी मिल गई है। यह डायरी 24 अक्टूबर की रात को अकील के परिवार ने सहारनपुर में पंचकूला पुलिस को सौंपी थी। पूरी खबर पढ़ें…
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