मुजफ्फरपुर की गायघाट से चार बार के विधायक महेश्वर यादव और उनके बेटे प्रभात कुमार के साथ रविवार शाम को राजद में शामिल हो गए। महेश्वर यादव ने अपने बेटे साथ तेजस्वी यादव की मौजूदगी में राजद की सदस्यता ग्रहण की। रविवार को ही जदयू ने महेश्वर यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर का रास्ता दिखाया था। महेश्वर और प्रभात के राजद में शामिल होने के दौरान गायघाट से राजद के प्रत्याशी निरंजन राय भी उपस्थित रहे। चार बार के विधायक रहे हैं महेश्वर यादव रविवार को जेडीयू ने पांच नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया था। इस लिस्ट में चार बार के पूर्व विधायक महेश्वर यादव, उनके बेटे प्रभात कुमार, गोपाल मंडल (गोपालपुर, भागलपुर), हिमराज सिंह (कटिहार) और संजीव श्याम सिंह (गया जी) शामिल थे। विशेष रूप से गायघाट में महेश्वर यादव और प्रभात कुमार के नाराज़ होने की वजह से ये निष्कासन ज्यादा सुर्खियों में रहा। निष्कासन के बाद प्रभात कुमार ने तुरंत राजद का दामन थाम लिया, जिससे सीट पर चुनावी समीकरण बदल गए हैं। महेश्वर यादव की जगह कोमल सिंह को बनाया गया है उम्मीदवार गायघाट सीट पर जेडीयू का टिकट इस बार कोमल सिंह को दिया गया था। कोमल सिंह लोजपा से 2020 में चुनाव लड़ चुकी हैं और जदयू एमएलसी दिनेश सिंह एवं वैशाली सांसद वीणा देवी की बेटी हैं। लेकिन टिकट वितरण के पहले मंच पर हुए एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रभात कुमार और कोमल सिंह के बीच धक्का-मुक्की ने विवाद और बढ़ा दिया था। इस घटना के बाद महेश्वर यादव और उनके पुत्र प्रभात कुमार पूरी तरह नाराज़ हो गए थे। अब प्रभात कुमार के राजद में शामिल होने से गायघाट सीट पर एनडीए और राजद के बीच सीधी टक्कर का रास्ता साफ हो गया है गायघाट में ब्राह्मण, कुर्मी के साथ यादव वोटर्स की निर्णायक भूमिका है गायघाट में यादव, ब्राह्मण और कुर्मी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पूर्व विधायक महेश्वर यादव का पारंपरिक वोट बैंक अभी भी प्रभात कुमार के साथ जुड़ा हुआ है। राजद में शामिल होने से प्रभात कुमार निर्दलीय और जेडीयू विरोधी वोट बैंक को जोड़ने में सक्षम होंगे। गायघाट सीट पर एनडीए के लिए चुनौती पैदा कर सकता है।
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