अलीगढ़ में पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ और उनके बेटे दिवाकर गौड़ की हत्या की साजिश रचने के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। एडीजे-11 अदालत ने खैर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन संजीव अग्रवाल उर्फ बिंटू सहित 7 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में 28 मार्च को सजा की तारीख नियत की गई है। प्रमोद गौड़ की शिकायत पर हटा था कब्जा पूर्व चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर रास्ता निकाला था। पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ की शिकायत पर प्रशासन ने यह कब्जा हटवा दिया। इसी का बदला लेने के लिए संजीव ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रमोद गौड़ और उनके पूर्व ब्लॉक प्रमुख बेटे दिवाकर गौड़ की हत्या का प्लान बनाया। 25 से 50 लाख की सुपारी, बुलंदशहर के गैंग से थी डील पुलिस जांच और सर्विलांस साक्ष्यों में खुलासा हुआ कि संजीव अग्रवाल और विकास शर्मा ने राजकुमार जाट के जरिए बुलंदशहर के हिस्ट्रीशीटर शूटर गैंग को हत्या की सुपारी दी थी। पहले भी एक बार हमला हुआ था, लेकिन तब शूटरों ने गलती से प्रमोद गौड़ के करीबी विजय गंगल की हत्या कर दी थी। कोर्ट रूम से सीधे जेल भेजे गए दोषी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीके जयंत ने संजीव अग्रवाल, विकास उर्फ बॉबी, राजकुमार, ओम नगर, सागर, तरुण त्यागी और रिंकू को दोषी माना है। फैसला सुनाते ही पुलिस ने पूर्व चेयरमैन और अन्य को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। दो दोषी फरार, कोर्ट ने जारी किया वारंट दोषी करार दिए गए रिंकू और आदेश सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने उनकी गैर-हाजिरी को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। वहीं साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने 3 आरोपियों को बरी कर दिया है। 27 अगस्त 2022 को दर्ज हुआ था केस पूर्व विधायक ने खुद को जान का खतरा बताते हुए खैर थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर 10 लोगों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी।

Leave a Reply