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पूर्व मंत्री पर हत्या समेत सात धाराएं लगीं:कोल्ड स्टोरेज हादसे में वादी दरोगा ने तहरीर में लिखा- जानबूझकर ओवरलोडिंग की

प्रयागराज के फाफामऊ में कोल्ड स्टोरेज हादसे में पूर्व मंत्री अंसार अहमद व उसके साथियों पर हत्या समेत सात धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस खुद इस मामले में वादी बनी है। वादी दरोगा ने अपनी शिकायत में कहा है, मुनाफाखोरी के लिए जानबूझकर ओवरलोडिंग की गई। क्षमता से ज्यादा गैस भी छोड़ी गई। कोल्ड स्टोरेज को अंदर से लॉक कर यह किया गया जिससे मौत होना सुनिश्चित था। अंसार का बेटा भी नामजद आरोपी
मामले में वादी फाफामऊ थाने के एसएसआई कम्बोद सिंह बने हैं। हादसे के करीब 13 घंटे बाद उनकी तहरीर पर कोल्ड स्टोरेज मालिक व पूर्व मंत्री अंसार समेत सात नामजद व पांच अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई। उनके अलावा मैनेजर उस्मान, करीब मो. असलम बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद व मो. इरफान भी नामजद हुए। इनमें से मंजूर अंसार का बेटा है। 7 सीएलए भी लगाया गया
एफआईआर में कुल सात धाराएं लगाई गईं। इनमें पहली धारा हत्या की है। इसके अलावा 7 सीएलए एक्ट समेत छह अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक, तहरीर में मौके पर जो स्थतियां थीं और तहरीर के अनुसार, जानबूझकर ऐसा कृत्य किया गया, जिससे मौत होना निश्चित थी। इसके आधार पर ही धाराएं लगाई गई हैं। विवेचना में विस्तृत जांच पड़ताल होगी। इसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। वादी दरोगा ने तहरीर में क्या कहा…
‘मैं एसएसआई फाफामऊ थाना कम्बोद सिंह हल्का नं0 02 का प्रभारी हूं। 23 मार्च को लगभग 13:30 बजे आदर्श कोल्ड स्टोरेज मे कूलिंग के लिए प्रयोग की जाने वाली अमोनिया गैस का चैम्बर फट जाने के कारण कोल्ड स्टोर की दीवारें गिर गईं जिस कारण से चार मजदूरोंकी मौत हो गई और 14-15 घायल हो गए। जहरीली अमोनिया गैस का रिसाव हुआ और गैस पूरे वातावरण मे फैल गई जिससे आसपास रहने वाले लोगों मे जीवन भय पैदा हो गया। लोगों का दम घुटने लगे, आंखो से आंसू निकलने लगा, सांस लेने मे दिक्कत होने लगी और इससे उनकी मौत भी हो सकती थी। सूचना पर मैं मौके पर पहुंचा तो आसपास के लोगों ने बताया कि आदर्श कोल्ड स्टोर लगभग 25 वर्षो से ऐसे ही संचालित था। इसका कोई मरम्मत व रखरखाव नहीं हो रहा था और यहां लगभग 90-100 मजदूर काम कर रहे थे। इन्हें किसी प्रकार की ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। कोल्ड स्टोर जर्जर था और यहां कोई भी टेक्नीशियन नहीं रखा गया था। कोई मानक नहीं था। मुनाफाखोरी के लिए क्षमता से बहुत ज्यादा स्टोरेज किया गया था व जानबूझकर क्षमता से कई गुना गैस छोड़ी गई। कोल्ड स्टोरेज अंदर से लॉककर उक्त कृत्य किया गया जिससे निश्चय ही व्यक्तियों का मृत होना सुनिश्चित था। आरोपियों को यह जानकारी थी कि कभी भी गैस चैम्बर फट सकता है और इस प्रकार की गंभीर घटना कभी भी घट सकती है। मजदूरों की मृत्यु हो सकती है। घटना में चार मजदूरों की मौत के जिम्मेदार यही आरोपी हैं।’ पूर्व मंत्री समेत पांच हिरासत में
उधर आरोपी बनाए गए पूर्व मंत्री समेत पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद पूर्व मंत्री प्रतापगढ़ भाग गए थे। जहां से उन्हें मंगलवार को हिरासत में लिया गया। चर्चा यह भी है कि एक बाहुबली के माध्यम से उसने सरेंडर किया। इसके अलावा उसके बेटे समेत चार अन्य को भी पकड़ा गया है। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया, जांच पड़ताल कराई जा रही है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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