अमेठी की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी को फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने सहित अन्य आरोपों से जुड़े मामले में गुरुवार को जेल भेजा गया था। उन्होंने हाईकोर्ट के निर्देश पर एसीजेएम चतुर्थ भव्या श्रीवास्तव की कोर्ट में सरेंडर किया था, जहां उनकी जमानत अर्जी खारिज हो गई। जेल जाने के बाद रात 11 बजे के करीब उनकी तबीयत बिगड़ गई। जेल से एम्बुलेंस द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उन्हें हाई बीपी सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें थीं, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया। यह मामला अमेठी के उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष घनश्याम सोनी द्वारा दायर परिवाद से जुड़ा है। घनश्याम सोनी ने चंद्रमा देवी के साथ मुहल्ले के लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी और संगम लाल सोनी के खिलाफ भी केस दर्ज कराया था। घनश्याम सोनी का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए चंद्रमा देवी ने धोखाधड़ी कर उनका मकान लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी और संगम लाल सोनी के नाम दर्ज कर दिया था। कोर्ट ने इस मामले में 8 फरवरी 2024 को सभी आरोपियों को विचारण के लिए तलब किया था। प्रभारी जिला जज राकेश पांडेय की कोर्ट में उनकी अंतरिम जमानत पर सुनवाई हुई। पूर्व नपं अध्यक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने जमानत की मांग की, जिसका परिवादी घनश्याम सोनी के अधिवक्ता अजीजुर्रहमान और डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने विरोध किया। सुनवाई के बाद प्रभारी जिला जज ने अंतरिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय की गई है। इस बीच, गुरुवार रात करीब 11 बजे जेल में चंद्रमा देवी की तबीयत बिगड़ गई। जेल से एम्बुलेंस द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उन्हें हाई बीपी सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें थीं, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया। अस्पताल में उनके पति और भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि उर्फ राजेश मसाला अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। उनके परिजन और समर्थक मीडिया के सवालों से बचते दिखे।

Leave a Reply