अमेठी की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी को धोखाधड़ी के एक मामले में जेल भेज दिया गया है। गुरुवार को प्रभारी जिला जज राकेश पांडेय की अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। चंद्रमा देवी अमेठी के जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि की पत्नी हैं। उच्च न्यायालय के निर्देश पर चंद्रमा देवी ने गुरुवार को एसीजेएम चतुर्थ भव्या श्रीवास्तव की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। उनकी जमानत अर्जी पहले इसी अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद मामले की सुनवाई प्रभारी जिला जज राकेश पांडेय की अदालत में हुई।पूर्व नपं अध्यक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने जमानत की मांग की, जबकि परिवादी घनश्याम सोनी के अधिवक्ता अजीजुर्रहमान और डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रभारी जिला जज ने चंद्रमा देवी की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अब उनकी नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय की गई है।यह मामला अमेठी के उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष घनश्याम सोनी द्वारा दायर एक परिवाद से संबंधित है। घनश्याम सोनी ने चंद्रमा देवी और मुहल्ले के लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी व संगम लाल सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। परिवादी घनश्याम सोनी का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए चंद्रमा देवी ने धोखाधड़ी कर उनका मकान लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी व संगम लाल सोनी के नाम दर्ज कर दिया था। इस मामले में कोर्ट ने 8 फरवरी 2024 को सभी आरोपितों को विचारण के लिए तलब किया था।

Leave a Reply