पूर्णिया के युवा जदयू जिलाध्यक्ष राजू मंडल की सड़क हादसे में मौत हो गई। गुरुवार रात दोस्त की बारात में शाम होने खगड़िया पहुंचे थे, वहां से लौटते समय तेज रफ्तार ट्रक ने कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर जान चली गई। कार के परखच्चे उड़ गए, जबकि हादसे के बाद बीच सड़क पर गिरे लोगों की तस्वीरें सामने आई है। इन तस्वीरों से हादसे की भयावहता का पता लगाया जा सकता है। कार में 5 लोग सवार थे। 4 लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें से 2 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हायर सेंटर रेफर किया गया है। डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना खगड़िया के पसराहा थाना क्षेत्र के सतीशनगर पेट्रोल पंप के पास की है। बारात अटेंड करके घर लौट रहे थे राजू मंडल का जन्म 15 मई 1997 को हुआ था। 29 साल के थे। ढाई साल पहले शादी हुई थी। एक बेटी है। जानकारी के अनुसार 19 फरवरी(गुरुवार) को राजू मंडल अपने दोस्त जदयू के छात्र नेता सुमित की बारात में शरीक होने कार से खगड़िया गए थे। दोस्त पिंटू मेहता समेत 4 अन्य लोग भी थे। बारात अटेंड कर देर रात वापस पूर्णिया लौट रहे थे। सुबह 4 बजे के करीब हादसे के शिकार हो गए।
निधन पर जताया शोक राजू मंडल के निधन पर मंत्री लेसी सिंह, पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, युवा जदयू नेता दीपक कुमार और राजद के छात्र नेता सौरभ कुमार ने अपनी संवेदना प्रकट की है। मंत्री लेसी सिंह ने फेसबुक पर लिखा… बहुत ही हृदय विदारक और दिल को झकझोर देने वाली सूचना मिली है। जनता दल (यूनाइटेड) युवा प्रकोष्ठ, पूर्णिया के जिला अध्यक्ष, मिलनसार व्यक्तित्व के धनी, युवा जोश राजू कुमार मंडल जी का सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका अचानक यूं चले जाना न केवल मेरा व्यक्तिगत क्षति है बल्कि संगठन, पूरे युवा साथियों के लिए गहरा आघात है। राजू जी सदैव ऊर्जावान सहयोगी और सबको साथ लेकर चलने वाले नेतृत्वकर्ता थे। समाज और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, सादगी और अपनापन हमेशा हम सबके दिलों में जीवित रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें। भावभीनी श्रद्धांजलि। वहीं, पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने लिखा राजू, तुम्हारा इस तरह असमय हम सबों को छोड़ जाना अकल्पनीय है। नियति भी इतना क्रूर हो सकता है, यकीं नही हो रहा है। छात्र राजनीति से लेकर युवा जेडीयू की पथरीली राह तक के सफर में मैंने तुम्हें पुत्रवत स्नेह दिया, सानिध्य दिया और तुम्हारे सुख और दुख में हर पल का साझीदार बना। तुम्हारे अंदर की राजनीतिक ऊर्जा को महसूस कर उसी तरह खुद को ऊर्जान्वित महसूस करता था जैसे कोई पिता अपने योग्य पुत्र में अपना अक्स देखता है। क्या पता था कि तुम इस कदर मुझसे रूठ कर चले जाओगे। मैं आज खुद को टूटा हुआ और प्रारब्ध के सामने असहाय महसूस कर रहा हूं। तुम्हारी वापसी की बाट जोह रही पत्नी और बच्चे के लिए संवेदना और सांत्वना के शब्द कहां से लाऊंगा! तुम हमारी स्मृति में सदैव जिंदा रहोगे। ईश्वर तुम्हारी आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें। ॐ शांति।
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