शाहजहांपुर में ककरा पुल को ऊंचा उठाने का कार्य मंगलवार को अचानक बंद हो गया। मौके से मजदूर और मशीनें नदारद थीं। इस पुल को ऊंचा उठाने में तीन महीने का समय लगने का दावा किया गया था। पुल दोनों ओर से बंद होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह कार्य पुल के डिजाइन में कमी के कारण बाढ़ के पानी को आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने से रोकने के लिए किया जा रहा था। प्रशासन ने पुल को 80 सेंटीमीटर ऊंचा उठाने का फैसला किया था। इसके लिए 4 करोड़ 24 लाख 55 हजार रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था। दरअसल, ककरा काकर कुंड को न्यू सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। नदी के दोनों ओर की आबादी के लिए आवाजाही सुगम बनाने हेतु वर्ष 2021 में 16 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण किया गया था। वर्ष 2024 और 2025 में आई बाढ़ के दौरान पानी खतरे के निशान से ऊपर चला गया था। इसके बाद सरकारी भवनों और आबादी वाले क्षेत्रों में पानी घुस गया। प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि पुल के निर्माण के समय इसका डिजाइन सही नहीं किया गया था। बाढ़ से बचाव के लिए यह तर्क दिया गया कि यदि पुल को 80 सेंटीमीटर ऊपर उठाया जाता है, तो क्षेत्र में बाढ़ का पानी नहीं घुसेगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने पुल को ऊंचा करने के लिए शासन को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिलने के बाद बजट पास किया गया। पिछले कुछ दिन से जैक लगाकर पुल को ऊंचा करने का काम शुरू हुआ था। इस कार्य के लिए मजदूर और मशीनें लगाई गई थीं। पुल को दोनों ओर से रोककर आवाजाही बंद कर दी गई थी। कुछ दिन काम चलने के बाद अब यह अचानक बंद हो गया है। पुल के दोनो ओर लगी टीनो को हटाकर लोग वाहन निकालने लगे। पुल के उपर से लेकर नीचे तक एक भी मजदूर नही था। पन्नी की बनी झोपड़ी खाली थी। पुल के नीचे जो मशीने लगी थी वह भी वहां से हटा दी गईं। काम रूका हुआ था। ऐसे में जब वहां से गुजरने वाले लोग निकले तो उन्होंने कहा कि इस पुल के कारण शहर की भीड़ से बच जाते थे। लेकिन पुल बंद होने से बहुत दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है ।

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