चित्रकूट में पुलिस टीम पर बम फेंकने के मामले में पांच हजार के इनामी बदमाश लवकुश पटेल को विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपालदास ने बताया कि यह घटना 4 जून 2014 की है। तत्कालीन बहिलपुरवा थाना प्रभारी महेश सिंह अपनी टीम के साथ थाने से निकले थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम दस्यु गिरोह को पकड़ने के लिए खडेसर बाबा के पास जंगल पहुंची, जहां उन्हें तीन बदमाश दिखे। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने पत्थरों की आड़ लेकर बदमाशों को ललकारा। बदमाश भागने लगे और पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए उन्होंने देशी सुतली बम फेंका। बम फटने से सिपाही अशोक कुशवाहा घायल हो गए। पुलिस ने घेराबंदी कर बम फेंकने वाले बहिलपुरवा थाने के बरुई गांव निवासी लवकुश पटेल को मौके से दबोच लिया। हालांकि, दस्यु घाटा कोलान निवासी लवलेश कोल और बरुई निवासी चंद्र प्रकाश उर्फ खच्चू फरार होने में सफल रहे। लवकुश पटेल की तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा, कारतूस और दो बम बरामद हुए थे। लवकुश पटेल पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने यह निर्णय सुनाया।

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