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पुलिस की धमकी से सहमे व्यापारी ने दी जान:परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया इंकार, बेटे को उठाने का आरोप
बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि रुपयों के लेनदेन के विवाद में पुलिस ने एक प्रतिष्ठित हार्डवेयर व्यापारी के बेटे को हिरासत में लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस की इसी धमकी और गाली-गलौज से क्षुब्ध होकर व्यापारी बुद्धसेन (50) ने अपनी दुकान में ही फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद से गंगवार कॉलोनी में तनाव का माहौल है। वही परिजन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे है। क्या है पूरा मामला? गंगवार कॉलोनी निवासी बुद्धसेन हार्डवेयर का कारोबार करते थे। उनके बेटे दिनेश ने बताया कि पड़ोस के गांव सूडयावा निवासी मुकेश ने 70 हजार रुपए के बकाया का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। परिजनों का दावा है कि विवाद मात्र 10 हजार का था, लेकिन पुलिस ने बिना जांच किए दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हल्का इंचार्ज सुनील अपनी टीम के साथ पहुंचे और बुद्धसेन के छोटे बेटे अखिलेश गंगवार को उठाकर थाने ले आए। थाने से फोन कर दी जेल भेजने की धमकी दिनेश ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने थाने ले जाकर अखिलेश के साथ बदसलूकी की। इसके बाद अखिलेश के ही मोबाइल से बुद्धसेन को फोन किया गया। आरोप है कि पुलिस ने फोन पर व्यापारी को जमकर गालियां दीं और धमकी दी कि यदि तुरंत पूरे पैसे लेकर चौकी नहीं पहुंचे, तो उनके बेटे को जेल भेज दिया जाएगा। इस धमकी से बुद्धसेन बुरी तरह सहम गए और शाम करीब साढ़े 5 बजे उन्होंने दुकान के भीतर ही मौत को गले लगा लिया। घर पर भारी पुलिस बल तैनात व्यापारी की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए घर पर भारी पुलिस बल मौजूद है। पोस्टमार्टम हाउस पर भी पुलिस मौजूद रही। जैसे ही शव पोस्टमार्टम होकर घर पहुंचा तो परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों की मांग है कि पहले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए उसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। वही पुलिस परिजनों को लगातार समझाने का प्रयास कर रही है। मौके पर सीओ, एसडीएम और इंस्पेक्टर मौजूद है। मृतक अपनी पत्नी मुन्नी देवी और तीन बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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