काकादेव में पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने पति को चौकी बुलाकर बेरहमी से पीटा, जिससे युवक के कान का पर्दा फट गया और उसके पूरे शरीर नीला पड़ गया। घटना के बाद पीड़ित युवक की मां ने मामले की शिकायत एसीपी स्वरूप नगर से की, जिन्होंने जांच के बाद शास्त्री नगर चौकी प्रभारी दोषी पाया। एसीपी की रिपोर्ट पर डीसीपी सेंट्रल ने चौकी प्रभारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की। मंगलवार को पति-पत्नी के बीच हुआ था झगड़ा शास्त्री नगर निवासी महिला ने बताया कि उनका बेटा प्राइवेट कर्मचारी है। वह अपने बेटे बहू और डेढ़ साल की पौत्री के साथ रहती है। उनकी बहू छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती है। दो दिन पहले बेटा और पौत्री उनके पास सो गए। जिस बात पर मंगलवार को बहू बेटे से झगड़ा करने लगी, हालांकि बेटा झगड़े को नजर अंदाज कर ड्यूटी चला गया। इस बीच बहू ने नाराज होकर शास्त्री नगर चौकी में बेटे की शिकायत कर दी। जिसके बाद शास्त्री नगर चौकी प्रभारी पवन मिश्रा ने बेटे को बुलाया। आरोप है कि देर शाम ड्यूटी से लौटने के बाद बेटा चौकी पहुंचा तो चौकी प्रभारी पवन मिश्रा समेत दरोगा अरुण त्रिवेदी, राजू खरवार, जसवंत सिंह, सुमित सिंह चौहान ने बेटे को बेरहमी से पीटा। साथ ही दोबारा शिकायत आने पर जेल भेजने की धमकी दी। देर रात तक बेटे के घर नहीं पहुंचने पर वह चौकी पहुंची और किसी तरह बेटे को अपने साथ घर लेकर पहुंची। इस दौरान बेटे के पूरे शरीर में पिटाई के निशान थे। उसकी स्थित देखकर दूसरे दिन वह उसे प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गई, जहां जांच के दौरान डॉक्टर ने बेटे के कान का पर्दा फटने की जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत एसीपी स्वरूप नगर शिखर से की। जिन्होंने महिला के घर पहुंचकर जांच की तो पुलिसकर्मियों को दोषी पाया। जिसके बाद एसीपी ने मामले की रिपोर्ट डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव को सौंपी। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि शास्त्री नगर चौकी प्रभारी पवन मिश्रा को मामले में दोषी पाने पर निलंबित किया गया है। साथ ही उनके साथ अन्य दरोगाओं की भी विभागीय जांच की जा रही है। वहीं घटना के बाद युवक की पत्नी बच्चों संग अपने मायके चली गई।

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