इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज को अभ्यर्थी रुबल हुड्डा को 29 मार्च 2026 से शुरू होने वाली पीसीएस मुख्य परीक्षा-2025 में बैठने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने दिया है। याचिका में आयोग द्वारा उनके ओटीआर फॉर्म में जन्मतिथि की लिपिकीय त्रुटि के आधार पर उनकी उम्मीदवारी रद्द करने वाले 20 मार्च 2026 के नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई थी। क्या है मामला जानिये मामले के तथ्यों के अनुसार, अभ्यर्थी ने अपने ओटीआर फॉर्म में जन्मतिथि 20.फरवरी .2004 के स्थान पर गलती से 02.फरवरी .2004 भर दी थी। हालांकि, अभ्यर्थी ने प्रारंभिक परीक्षा से पहले ही 30 सितंबर 2025 को इस त्रुटि को सुधार लिया था और संशोधित विवरण ओटीआर फॉर्म में परिलक्षित भी हो रहा था। इसके बावजूद, मुख्य परीक्षा के फॉर्म में पुरानी गलत जन्मतिथि ही प्रदर्शित हो रही थी, जिसके आधार पर आयोग ने उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और परीक्षा की निकटता को देखते हुए स्पष्ट किया कि जब अभ्यर्थी ने प्रारंभिक परीक्षा से पहले ही त्रुटि सुधार ली थी, तो आयोग के पास उन्हें परीक्षा में बैठने से रोकने का कोई उचित आधार नहीं था।
कोर्ट ने इसे अभ्यर्थी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए आयोग को तत्काल आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया है। हालांकि, न्यायालय ने यह भी साफ किया है कि अभ्यर्थी का अंतिम परिणाम इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मई 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।

Leave a Reply