पीलीभीत के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के करमापुर माफी गांव में शनिवार को एक स्वास्थ्य शिविर पर हमला हुआ। ग्रामीणों की सेवा के लिए लगाए गए इस शिविर में प्रधान के परिजनों ने स्वास्थ्य टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस घटना में एक महिला डॉक्टर से अभद्रता की गई, जबकि योग प्रशिक्षक समेत अन्य कर्मियों को लाठियों से पीटा गया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में लिया है। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल (खनका) की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नम्रता गुप्ता ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शनिवार सुबह करमापुर माफी गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। यह शिविर पूर्व प्रधान रामनरेश शर्मा के घर के सामने लगाया गया था। मौजूदा प्रधान के परिजनों ने इस स्थान पर आपत्ति जताई और मांग की कि शिविर उनके घर के सामने लगाया जाए। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रधान पक्ष के लोग शिविर स्थल पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और सरकारी फर्नीचर को लात मारकर गिरा दिया। इस दौरान जीवन रक्षक दवाइयां भी जमीन पर बिखर गईं। जब टीम के सदस्यों ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए और रिकॉर्ड किए गए वीडियो हटा दिए। हमलावरों ने अस्पताल के योग प्रशिक्षक सत्यपाल वर्मा और वार्ड बॉय ललित गंगवार को लाठियों से पीटा। धक्का-मुक्की के दौरान योग सहायिका वैशाली वर्मा को भी चोटें आईं। इस घटना के बाद दवा लेने आए मरीज डरकर मौके से भाग गए। घायल स्वास्थ्य कर्मियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी डॉ. नम्रता गुप्ता ने कोतवाली में एक नामजद और दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना की जानकारी जिला होम्योपैथिक अधिकारी को भी दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और एक आरोपी को पहले ही हिरासत में ले चुकी है। थानाध्यक्ष संजीव शुक्ला ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि, “घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई थी। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्वास्थ्य कर्मियों की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मियों से मारपीट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”

Leave a Reply