पीलीभीत में बारिश-ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त:बिजली गुल, गेहूं की फसल को भारी नुकसान; किसानों ने मांगा मुआवजा
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पीलीभीत में बारिश-ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त:बिजली गुल, गेहूं की फसल को भारी नुकसान; किसानों ने मांगा मुआवजा
पीलीभीत में शनिवार रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जिलेभर में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई और तैयार खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया। शनिवार रात करीब 9 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बरखेड़ा कस्बे और आसपास के 20 से अधिक गांवों में रात 8:30 बजे ही बिजली गुल हो गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी रात विद्युत आपूर्ति ठप रही, जिसे लगभग 11 घंटे की मशक्कत के बाद रविवार सुबह बहाल किया जा सका। बरखेड़ा की करोड़ पुलिस चौकी क्षेत्र में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई, जिससे किसानों को व्यापक क्षति हुई है। शहर के कई मोहल्लों में भी विद्युत आपूर्ति ठप रही। रामलीला फीडर में खराबी के कारण शहर के बड़े हिस्से में रात भर बिजली नहीं थी। बेनहर स्कूल के आसपास के क्षेत्रों में सुबह लगातार चार घंटे बिजली ठप रहने से जलापूर्ति भी प्रभावित हुई। मोहल्ला फीलखाना, शेखचंद और अन्य रिहायशी इलाकों में भी लोग बिजली न होने से परेशान रहे। विद्युत विभाग की टीमें रविवार सुबह तक फाल्ट ठीक करने में जुटी रहीं। मार्च-अप्रैल का महीना गेहूं की फसल कटाई का होता है, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे दाना काला पड़ने और पैदावार घटने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में भी बादल छाए रहने की संभावना है। विद्युत विभाग क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक कर सभी क्षेत्रों में सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
