पीलीभीत के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायल युवक रवि प्रकाश की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। बुधवार को परिजनों ने शव को बरेली-बीसलपुर हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। यह घटना 27 मार्च की है, जब ग्राम गोवल पतीपुरा निवासी रवि प्रकाश अपने पिता ओम शंकर और भाई बृजेश कुमार के साथ खेत में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान विपक्षी मुनेंद्र पाल यादव अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में रवि प्रकाश के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिनों तक चले उपचार के बाद मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही शोक छा गया।
रवि प्रकाश की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बुधवार सुबह उन्होंने रवि प्रकाश के शव को बरेली-बीसलपुर हाईवे पर रखकर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारी मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। विवाद की जड़ पूर्व प्रधान स्वर्गीय राम सिंह यादव की 10 बीघा जमीन है। राम सिंह की कोई पुत्र संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपनी जमीन बड़ी बेटी अनीता देवी के नाम कर दी थी। इसी रंजिश के चलते उनके भतीजे सत्यपाल यादव और मुरारी लाल का परिवार अनीता के परिवार से लगातार विवाद कर रहा था। 27 मार्च को हुए हमले में आरोपियों ने ट्रैक्टर और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया था।

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