भागलपुर जिले के पीरपैंती स्थित लक्ष्मी नारायण हाई स्कूल में 24 दिनों से चल रहे रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस विशेष शिविर में कुल 20 छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त करना था, ताकि वे संकट की स्थितियों में अपनी सुरक्षा कर सकें। प्रशिक्षण का संचालन प्रशिक्षक पप्पू कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की कई महत्वपूर्ण तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिनमें पंच, किक और ब्लॉक जैसी मूलभूत तकनीकें शामिल थीं। उन्हें यह भी सिखाया गया कि आपातकालीन स्थिति में पेन, सेफ्टी पिन और मिर्ची स्प्रे जैसे सामान्य सुरक्षा उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे करें। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसी भी परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और आत्मविश्वास के साथ प्रतिक्रिया देना ही सुरक्षा का पहला कदम होता है। इसके अतिरिक्त, छात्राओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई, जिससे वे शारीरिक रूप से सक्षम और स्वयं के प्रति सजग व अनुशासित बन सकें। समापन समारोह में सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ये प्रमाण पत्र विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनुज कुमार, प्रशिक्षक पप्पू कुमार और अन्य शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से दिए गए। प्रशिक्षक पप्पू कुमार ने कहा कि आधुनिक समय में लड़कियों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आत्मरक्षा प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण छात्राओं को न केवल साहसी बनाएगा, बल्कि उन्हें संभावित संकटों से निपटने की क्षमता भी प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षित छात्राओं में से दो छात्राएं आगे चलकर अपने ही विद्यालय में 66 दिनों तक आत्मरक्षा प्रशिक्षण देंगी, जिससे अधिक से अधिक छात्राओं को इस कौशल का लाभ मिल सकेगा।
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