आज प्रधानमंत्री के रेडियो शो मन की बात के 127वें एपिसोड का प्रसारण होगा। ये आकाशवाणी पर हर महीने के आखिरी रविवार सुबह 11 बजे सुना जा सकता है। रेडियो के अलावा मोबाइल, टीवी जैसी चीजों पर भी इसे प्रसारित किया जाता है। पीएम हर बार अलग अलग मुद्दों को लेकर जनता से बात करते हैं। पिछली बार उन्होंने त्योहार पर स्वदेशी समान खरीदने की अपील की थी। इस बार पीएम बिहार की जनता से चुनाव में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील कर सकते हैं। इसके साथ लोगों को छठ पर्व की बधाई भी देंगे। PM का पिछले संबोधन की 5 बड़ी बातें… वोकल फॉर लोकल पर
पीएम ने कहा था कि हम ठान लें कि इस बार त्योहार सिर्फ स्वदेशी चीजों से ही मनाएंगे, तो देखिएगा, हमारे उत्सव की रौनक कई गुना बढ़ जाएगी। ‘Vocal for Local’ को खरीदारी का मंत्र बना दीजिए। ठान लीजिए, हमेशा के लिए, जो देश में तैयार हुआ है, वही खरीदेंगे। जिसे देश के लोगों ने बनाया है, वही घर ले जाएंगे। जिसमें देश के किसी नागरिक की मेहनत है, उसी सामान का उपयोग करेंगे। छठ पर्व पर
हमारे पर्व, त्योहार भारत की संस्कृति को जीवंत बनाए रखते हैं। छठ पूजा ऐसा एक पावन पर्व है जो दीवाली के बाद आता है। सूर्य देव को समर्पित यह महापर्व बहुत ही विशेष है। इसमें हम डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं, उनकी आराधना करते हैं। छठ ना सिर्फ देश के अलग -अलग हिस्सों में मनाई जाती है, बल्कि दुनिया भर में इसकी छटा देखने को मिलती है। आज ये एक ग्लोबल फेस्टिवल बन रहा है। मुझे आपको ये बताते हुए बहुत खुशी है कि भारत सरकार भी छठ पूजा को लेकर एक बड़े प्रयास में जुटी है। गांधी जयंती पर
2 अक्टूबर को गांधी जयंती है। गांधी जी ने हमेशा स्वदेशी को अपनाने पर बल दिया और इनमें खादी सबसे प्रमुख थी। दुर्भाग्य से आजादी के बाद, खादी की रौनक कुछ फीकी पड़ती जा रही थी लेकिन बीते 11 साल में खादी के प्रति देश के लोगों का आकर्षण बहुत बढ़ गया है। पिछले कुछ वर्षों में खादी की बिक्री में बहुत तेजी देखी गई है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि 2 अक्टूबर को कोई ना कोई खादी प्रोडक्ट जरूर खरीदें। गर्व से कहें ये स्वदेशी हैं। इसे सोशल मीडिया पर वोकल फॉर लोकल के साथ शेयर भी करें। RSS को लेकर
इस बार विजयादशमी एक और वजह से बहुत विशेष है। इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल हो रहे हैं। एक शताब्दी की ये यात्रा जितनी अद्भुत है, अभूतपूर्व है, उतनी ही प्रेरक है। आज से 100 साल पहले जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी, तब देश सदियों से गुलामी की जंजीरों में बंधा था। सदियों की इस गुलामी ने हमारे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी। विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता के सामने पहचान का संकट खड़ा किया जा रहा था। देशवासी हीन-भावना का शिकार होने लगे थे। स्वच्छ भारत पर
त्योहारों पर हम सब अपने घर की सफाई में जुट जाते हैं। लेकिन स्वच्छता सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित न रहे। गली, मोहल्ला, बाज़ार, गाँव हर जगह पर सफाई हमारी जिम्मेदारी बने । साथियों, हमारे यहां ये पूरा समय उत्सवों का समय रहता है और दीवाली एक प्रकार से महा-उत्सव बन जाता है मैं आप सबको आने वाली दीपावली की भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। जुबीन गर्ग को याद किया था
जुबीन गर्ग एक फेमस सिंगर थे जिन्होंने पूरे देश में अपनी पहचान बनाई। असमिया संस्कृति से उनका गहरा जुड़ाव था। ज़ुबीन गर्ग हमेशा हमारी यादों में बसे रहेंगे और उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा। दरअसल जुबीन सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान घायल हुए थे। बाद में उनकी मौत हो गई थी। 22 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होता है मन की बात कार्यक्रम मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकास्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर से होती है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था। ‘मन की बात’ के पिछले पांच एपिसोड की खबरें पढ़ें… ……………….. पीएम मोदी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 17वां रोजगार मेला- पीएम ने 51 हजार जॉब लेटर बांटें:कहा- यह केवल सरकारी नौकरी नहीं, आपको राष्ट्र सेवा में सक्रिय योगदान देने का मौका मिला है PM मोदी ने शुक्रवार को 17वें रोजगार मेला में 51 हजार से ज्यादा युवाओं को जॉब लेटर बांटें। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं को संदेश भी दिया। उन्होंने कहा- आपको केवल सरकारी नौकरी नहीं मिली है। राष्ट्र सेवा में सक्रिय योगदान देने का अवसर मिला है। पूरी खबर पढ़ें…
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