‘सर, मैं जान रहा हूं कि आप मेरी कॉपी जांचने के बाद संतुष्ट नहीं होंगे लेकिन हकीकत ये है कि हमने परीक्षा की तैयारी अच्छे से नहीं की थी। फिजिक्स में मैं बहुत कमजोर हूं। शादी पड़ गई है और जिस लड़की से शादी हो रही है उसने भी 12वीं का एग्जाम दी है। मेरा अनुरोध है, कि सर किसी तरह मुझे पास कर दें वरना तिलक कम चढ़ेगा।’ यह लाइनें UP बोर्ड की इंटरमीडिएट के फिजिक्स सब्जेक्ट की एक उत्तरपुस्तिका में लिखी गई थीं। एक छात्र ने यह लाइन लिखकर कॉपी जांचने वाले परीक्षक से अनुरोध किया है। उसने इसे बकायदा हाईलाइट भी किया है। शहर के एक मूल्यांकन केंद्र के परीक्षक आशीष मिश्रा ने बताया कि इसी तरह कई अन्य छात्र भी हैं जो अलग-अलग तरह की बातें अपनी कॉपियों में लिख रहे हैं। 13 मई को शादी है, फेल हुई तो टूट जाएगी शादी
‘सर, नमस्ते.. मैं चार बहनों में तीसरे नंबर पर हूं। 13 मई को मेरी शादी पड़ गई है। एक तरफ शादी की तैयारी, दूसरी तरफ मेरी परीक्षा। हमने तैयारी अच्छे से नहीं की है। इसलिए प्लीज सर मुझे पास कर दीजिए.. वरना मेरी शादी टूट जाएगी। मैं बहुत परेशान हूं। आर्थिक रूप से मेरा परिवार बहुत ही कमजोर है, इसलिए मैं इसमें मैं कुछ रुपए भी आपको दक्षिणास्वरूप देने में असमर्थ हूं।’ परीक्षक कपिल मेहदी ने बताया कि वह 12वीं की कॉपियां जांच रहे हैं। कुछ छात्रों ने बहुत अच्छे तरीके से अपने प्रश्नों का उत्तर लिखे हुए हैं। कुछ छात्र ऐसे हैं जो उत्तरपुस्तिकाओं पर सही उत्तर नहीं कर पाए वह कॉपी के लास्ट पेज पर अपनी व्यथा लिख दिए हैं। नोट डालना चाहता लेकिन मौका नहीं मिला
दरअसल, इस बार UP बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि किसी कॉपी में रुपए मिलते हैं तो इसके लिए संबंधित कक्ष निरीक्षक पर भी एक्शन लिया जाएगा। यही कारण है कि हर बार की तरह इस बार उत्तरपुस्तिकाओं में रुपए रखने के लिए छात्रों को ज्यादा मौका नहीं मिल सका। यही कारण है कि एक छात्र ने यह भी लिखा है कि सर, मेरा पेपर अच्छा नहीं हुआ है क्योंकि पिता जी की बीमारी के कारण ज्यादातर समय अस्पताल में बीता। अस्पताल से ही सीधे परीक्षा देने के लिए सेंटर पर पहुंचता है। हम आपके लिए 2000 रुपए रखना चाहते थे लेकिन कक्ष में जिन परीक्षक की ड्यूटी है वह बहुत सख्त हैं, लगातार प्रत्येक छात्रों पर निगरानी करते रहे। इसके साथ साथ CCTV भी सामने है, बस इसी डर से रुपए नहीं डाल सके। छात्र ने अनुरोध किया कि उसे प्लीज पास कर दें। शिक्षक बाेले, इमोशनल लाइनों से नहीं देते नंबर कॉपी जांच रहे शिक्षक संजय मिश्रा बताते हैं कि कॉपियों में ज्यादातर ऐसे छात्र इमोशनल लाइनें लिख रहे हैं जिनका पेपर सही नहीं बना है। वह कहते हैं कि इमोनशल लाइनों को पढ़कर हम नंबर नहीं देते हैं। छात्र जितना लिखते हैं उसी के अनुरूप ही लिखते हैं। परीक्षक आशीष ने बताया कि इस बार छात्र कॉपियों में इमोशनल लाइनें लिखकर पास होने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन रुपए नहीं डाल रहे हैं। पूरा एग्जाम CCTV की निगरानी में हुआ है जिससे छात्र के साथ-साथ परीक्षक भी अलर्ट थे। अभी तक जांची जा चुकी है 32 लाख से ज्यादा कापियां
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के सभी जनपदों में बने मूल्यांकन केंद्रों पर 23 मार्च की शाम तक 32, 53,505 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है। इसमें हाईस्कूल की 19,62,275 एवं इंटरमीडिएट की 12,91,248 कापियां जांची गई है। कुल 2.60 करोड़ कापियां थी, जिसका मूल्यांकन किया जाना था। कापियों में नोट मिले तो कक्ष निरीक्षक होंगे जिम्मेदार
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर इस बार स्पष्ट निर्देश प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए गए थे। जिसमें कहा गया था कि यदि किसी भी परीक्षार्थी ने अपनी उत्तरपुस्तिका में नोट आदि डालता है तो इसके लिए सीधे कक्ष निरीक्षक जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि यदि उत्तरपुस्तिकाओं में धनराशि मिलती है तो उसे तत्काल कोषागार में जमा कराएं और डीआईओएस को अवगत कराएं। यह पता लगाया जाएगा कि वह कापी किस जनपद के किस परीक्षा केंद्र की है और उसका कक्ष निरीक्षक कौन था। इसमें कक्ष निरीक्षक पर भी कार्रवाई की बात कही गई थी। यही कारण है कि इस बार मूल्यांकन के दौरान कम नोट मिल रहे हैं।

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