मुरादाबाद के बुद्धि विहार स्थित रामलाल पाल के आवास पर अखिल भारतीय पाल महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महासभा के पदाधिकारियों और समाज के प्रमुख सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी पर पाल समाज की अनदेखी का आरोप लगाया। वक्ताओं ने मुरादाबाद मंडल की नई टीम के गठन पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पाल समाज लंबे समय से भाजपा का समर्थक रहा है, लेकिन नई कार्यकारिणी में समाज के किसी भी व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया। इससे समाज में असंतोष बढ़ गया है। महासभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पाल, बघेल और धनगर समाज का उपयोग केवल चुनाव के दौरान वोट हासिल करने के लिए किया जाता है। संगठन में जिम्मेदारियां देने की बात आने पर समाज की अनदेखी की जाती है। एक वक्ता ने भाजपा जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेतृत्व समाज के हितों के खिलाफ काम कर रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि नगर निगम और नगर पालिकाओं में भी पाल समाज के किसी सदस्य को पार्षद या सभासद के रूप में मनोनीत नहीं किया गया है, जबकि अन्य समाजों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान जनप्रतिनिधि केवल अपने-अपने समाज के लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। महासभा ने चेतावनी दी कि जल्द ही एक मंडलीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पाल, बघेल और धनगर समाज एकजुट होकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगा। बैठक में भाजपा के नारे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के अनुरूप कार्य न होने पर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने जोर दिया कि किसी भी समाज की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

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