बेतिया नगर निगम बोर्ड की शनिवार को बुलाई गई बैठक पार्षदों के भारी हंगामे और सामूहिक बहिष्कार के कारण स्थगित कर दी गई। बैठक शुरू होते ही दो दर्जन से अधिक पार्षद विगत दो वर्षों से पारित करोड़ों की विकास योजनाओं को लटकाए जाने को लेकर आक्रोशित हो उठे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि जनवरी 2024 से प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिल जाने के बाद भी न तो निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, न ही कार्यादेश जारी हुए, जिससे नगर निगम क्षेत्र का विकास पूरी तरह ठप पड़ा है। पार्षदों का आरोप था कि दिन के एजेंडा में शामिल ऑडिट रिपोर्ट की प्रति बैठक से पहले उपलब्ध कराने के महापौर के निर्देश के बावजूद उन्हें दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। पार्षदों ने कहा कि जब तक अंकेक्षण प्रतिवेदन की प्रतिलिपि अध्ययन के लिए नहीं मिलेगी, एजेंडा 5 पर विचार संभव नहीं है। असंतोषजनक जवाब मिलने पर पार्षद हंगामा करते हुए सभागार से बाहर निकल गए और बैठक के बहिष्कार की घोषणा कर दी। नगर प्रशासन की लापरवाही से योजनाएं महीनों से फाइलों में अटकी बहिष्कार करने वाले पार्षदों ने बाहर आकर कहा कि नगर प्रशासन की लापरवाही से योजनाएं महीनों से फाइलों में अटकी हुई हैं, जिससे जनता को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक लंबित योजनाओं पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, वे निगम प्रबंधन का कड़ा विरोध जारी रखेंगे। महापौर ने दिया आश्वासन उधर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि बड़ी संख्या में पार्षदों के बहिष्कार और कोरम अधूरा रह जाने के कारण बैठक स्थगित की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों और सदस्यों से विमर्श के बाद जल्द ही बोर्ड बैठक की नई तिथि घोषित की जाएगी। महापौर ने आश्वासन दिया कि लंबित मामलों के समाधान और विकास कार्यों की गति बहाल करने के लिए निगम प्रशासन गंभीर है।
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