हरियाणा के पानीपत में गुरुवार को एक टेक्सटाइल फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया। यहां केमिकल टैंक की सफाई करने उतरे दो युवकों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। दोनों बिना सेफ्टी किट के टैंक में उतरे थे। मगर, कुछ देर में ही उन पर बेहोशी छाने लगी। वहां मौजूद अन्य साथियों ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे बेहोश हो चुके थे। दोनों को सीपीआर देकर होश में लाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद दोनों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस और परिवार के लोग भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिवार के मुताबिक, दोनों युवक यूपी के कैराना के रहने वाले थे और आपस में चचेरे भाई थे। दोनों कामकाज के लिए रोजाना कैराना से पानीपात आना जाना करते थे। केमिकल फैक्ट्री में हुए हादसे के कुछ PHOTOS… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… परिवार ने लगाया फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का आरोप सूचना पर पहुंचे मृतकों के परिजनों का कहना है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है। आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने युवकों को बिना किसी मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर या सुरक्षा उपकरणों के सीधे टैंक में उतार दिया। उधर, पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखवा दिया है और आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुराने जख्म हुए ताजा: कुराड़ रोड जैसी घटना इस हादसे ने पानीपत के ही कुराड़ रोड स्थित गोरजा इंटरनेशनल फैक्ट्री की याद दिला दी है, जहां कुछ समय पहले इसी तरह के हादसे में 2 मजदूरों की मौत हुई थी। बार-बार हो रहे ऐसे हादसों ने औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply