‘सुमित 11 साल से घर नहीं आया। वह फोन पर भी बात नहीं करता था। उसकी मां जब भी कॉल करती तो वह बिजी हूं, कहकर फोन काट देता था। उसने देश से गद्दारी की है। उसे कानून सजा देगा। जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। उसने यह कब और कैसे किया? हमें कुछ पता नहीं है। उससे हमारा कोई लेना देना नहीं है।’ यह कहना है प्रयागराज के लाहुरपार गांव के रहने वाले बेनीमाधव का। उनके बेटे सुमित को 2 दिन पहले राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम ने असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन से गिरफ्तार किया। वह वर्तमान में डिब्रूगढ़ (असम) के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन में MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत है। सुमित भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था। उसने लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों-कर्मचारियों से संबंधित गोपनीय जानकारी भी साझा की थी। 23 मार्च को सुमित को राजस्थान की सीजेएम कोर्ट महानगर प्रथम में पेश किया गया। राजस्थान इंटेलिजेंस ने आरोपी का 12 दिन का रिमांड मांगा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी सुमित कुमार को 2 अप्रैल तक रिमांड पर सौंपा है। सुमित के पिता क्या करते हैं? उसके परिवार में कौन-कौन है? उसकी जॉब कब लगी थी? पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े जाने के बाद परिवार का क्या कहना है? यह जानने के लिए दैनिक भास्कर ऐप टीम जिला मुख्यालय से 16 किमी. दूर लाहुरपार गांव पहुंची। यहां सुमित के घरवालों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… बेटा है तो मन में पीड़ा है, मगर परिवार का उससे संबंध नहीं बेनीमाधव ने कहा कि बेटा है, उसे पैदा किया है। इसलिए चिंता तो उसकी होती ही है। जिस संतान को पाल पोसकर बड़ा किया, उसकी इस हालत पर मन में पीड़ा है। मैं इसे छिपा नहीं सकता। मगर उसने जो किया है। वह अच्छा नहीं किया। हम लोगों को शर्मसार कर दिया। उसने ऐसा क्यों किया? किसलिए किया? इस बारे में हम लोगों को कुछ नहीं पता है। उसके किसी भी काम से परिवार का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वह पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया है। यह जानकारी हम लोगों को न्यूज से मिली। उसकी फोटो देखी तो हम लोग दंग रह गए। गांव वालों ने भी उसके बारे में बताया। पिता ने बताया- एक अधिकारी सुमित को आसाम ले गए थे पिता ने बताया कि पांच बेटों में सुमित तीसरे नंबर का है। सबसे बड़ा रामराज, दूसरे नंबर का रामशरन और सबसे छोटा रजनीश है। यह सभी गांव में ही रहते हैं। गांव में रहने वाले तीनों बेटे दूध बेचने का काम करते हैं। रामराज और रामशरन की शादी हो चुकी है। जबकि रजनीश अविवाहित है। चौथे नंबर का राजकुमार एयरफोर्स में ही फोर्थ क्लास में लद्दाख में तैनात है। बताया कि मेरे घर से कुछ दूर पर ही एयरफोर्स कैंपस है। मैं वहां अफसरों घर पर दूध लेकर जाता था। तब मेरे साथ सुमित भी जाता था। इसी दौरान वह एक अफसर के संपर्क में आया। 2011 में उस अफसर का ट्रांसफर हुआ। वह सुमित को भी अपने साथ आसाम ले गए। इसके बाद उसे वहीं नौकरी दिला दी। कुछ सालों तक तो ठीक रहा, लेकिन फिर उसने आना जाना बंद कर दिया। यहां तक कि परिवारवालों से बातचीत भी कम कर दी। बहुत कहने पर 2015 में घर में हुए भंडारे में शामिल होने के लिए आया। उसकी पत्नी और 12 साल का बेटा भी साथ था। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया। फोन से बात करना बंद कर दिया। भाभी ने बताया कि सुमित भाई की शादी में भी नहीं आया उन्होंने कहा कि मेरे परिवार की माली हालत किसी से छिपी नहीं है। नौकरी लगने के बाद से ही सुमित का व्यवहार बदल गया। उसने कभी एक रुपये की मदद नहीं की। मैं ही दूध बेचकर परिवार पालता हूं। तीनों बेटे इसी में हाथ बंटाते हैं। सुमित की भाभी रानी ने बताया कि 2018 में सुमित के भाई राजकुमार की शादी थी। हम लोगों ने उसे कार्ड दिया। फोन भी किया। मगर वह नहीं आया। नौकरी के दौरान उसका तबादला शिलांग हो गया। यहां उसने एक लड़की के साथ शादी कर ली। फिर कुछ दिनों बाद सुमित का ट्रांसफर आसाम हो गया। लेकिन उसकी पत्नी उसके साथ नहीं गई। हम लोगों को सुमित से कोई संपर्क नहीं है। सुमित कैसे पकड़ा गया, वो पढ़िए- राजस्थान की इंटेलीजेंस के एडीजी प्रफुल्ल कुमार ने बताया- पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी। झबराराम से पूछताछ के दौरान सुमित कुमार नाम के एक और संदिग्ध का नाम सामने आया। जो लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। जांच में पता चला है कि आरोपी सुमित कुमार (36) डिब्रूगढ़ (असम) के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन में MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत है। वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं जुटाता था। सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाता था। 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में था
राजस्थान इंटेलीजेंस की टीम ने एयरफोर्स इंटेलीजेंस नई दिल्ली के साथ मिलकर आरोपी सुमित कुमार को चबुआ से हिरासत में लिया। इसके बाद उसे जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र लाया गया, जहां विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी साल 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में था। रुपयों के बदले उन्हें संवेदनशील सूचनाएं दे रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने चबुआ एयरफोर्स स्टेशन के अलावा बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन और अन्य सैन्य ठिकानों से जुड़ी अहम जानकारियां भी साझा की थी। इनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों/कर्मचारियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी शामिल है। इसके अलावा, आरोपी अपने नाम पर जारी किए गए मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी करता था। ………………..
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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी सुमित कुमार को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट महानगर प्रथम में पेश किया गया। असम स्थित एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी जासूसी के एक गंभीर मामले में आगे की जांच के लिए राजस्थान इंटेलिजेंस की ओर से आरोपी का 12 दिन का रिमांड मांगा । सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी सुमित कुमार को 2 अप्रैल तक रिमांड पर सौंपा है। ये आदेश सीजेएम कोर्ट जयपुर महानगर – 1 के जज प्रियशंकर सिंह द्वारा जारी किए गए। कोर्ट में राजस्थान इंटेलिजेंस की ओर से एडवोकेट सुदेश सत्तावन ने पैरवी की। अब इंटेलीजेंस टीम नक्शा-मौका तस्दीक कराने के लिए जल्द ही उसे असम के डिब्रूगढ़ लेकर जाएगी। पढ़ें पूरी खबर

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