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पाकिस्तानी सबा फरहत की जमानत याचिका पहुंची हाईकोर्ट:निचली अदालतों से याचिका हो चुकी हैं खारिज, दो वोटर आईडी बनवाने का है आरोप
मेरठ में ब्याही पाकिस्तानी मूल की सबा फरहत की जमानत याचिका इलाहाबाद (प्रयागराज) हाईकोर्ट पहुंच गई है। निचली अदालत से याचिका खारिज होने के बाद परिवार ने अब हाईकोर्ट का रुख किया है। दावा किया जा रहा है कि उनके पास जमानत का मजबूत ग्राउंड है। पहले एक नजर पूरे मामले पर
पाकिस्तान के लाहौर निवासी सबा का निकाह मेरठ के जली कोठी निवासी फरहत मसूद के साथ वर्ष 1988 में हुआ था। देहलीगेट निवासी रुकसाना ने सबा फरहत पर गैरकानूनी तरीके से भारत में रहकर यात्रा करने व फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने सबा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। न्यायिक हिरासत में भेजा जेल
16 फरवरी को देहलीगेट पुलिस ने सबा फरहत को पूछताछ के बहाने घर से बुलाया और गिरफ्तार कर लिया। फरहत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 17 फरवरी को उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तभी से सबा फरहत जेल की सलाखों की पीछे हैं। लोअर व सेशन कोर्ट से भी नहीं मिली जमानत
सबा फरहत की तरफ से वरिष्ठ एडवोकेट वीके शर्मा केस लड़ रहे हैं। उन्होंने 18 फरवरी को सबा की जमानत याचिका डाली लेकिन उसे रद्द कर दिया गया। 19 को सेशन कोर्ट से भी याचिका खारिज हो गई। 50 दिन बाद भी सबा फरहत को जमानत नहीं मिल पाई है। मसूद को भी मुकदमे में किया शामिल
सबा फरहत से जुड़े मामले में पुलिस ने पहले उनकी बेटी ऐमन को आरोपी बनाया था लेकिन फिर कोर्ट के समक्ष ऐमन का नाम वापस लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद पुलिस ने सबा के पति फरहत मसूद को मुकदमे में शामिल किया। फरहत मसूद पर षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। एडवोकेट वीके शर्मा ने फरहत मसूद की अग्रिम जमानत को लेकर भी याचिका दायर की है जो निचली अदालतों से खारिज हो चुकी है। आई जानते हैं अब तक क्या क्या हुआ – 16 फरवरी को सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया।
– 17 फरवरी को देहलीगेट पुलिस ने सबा को कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
– 18 फरवरी को सबा फरहत की स्पेशल सीजेएम (लोअर कोर्ट) से जमानत याचिका खारिज।
– 19 फरवरी को सबा फरहत की याचिका जिला जज (सेशन कोर्ट) के यहां डाली गई।
– 19 फरवरी को जिला जज ने याचिका को एडीजे-13 की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।
– 19 मार्च को ही सबा के पति फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका भी एडीजे-13 के यहां डली।
– 12 मार्च को एडीजे-13 ने सबा की जमानत व फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
– 18 मार्च को सबा फरहत की याचिका नये ग्राउंड के साथ सेशन में डली लेकिन खारिज हो गई।
– 30 मार्च को सबा के पति फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका को भी एडीजे-13 ने खारिज कर दिया।
– हाल ही में सबा फरहत की जमानत व फरहत मसूद की अग्रिम जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई है। हाईकोर्ट में दायर की जमानत याचिका एडवोकेट वीके शर्मा ने बताया कि उनके पास जमानत का मजबूत ग्राउंड है। उन्होंने पहले सबा फरहत की जमानत याचिका दायर की है। नियमानुसार प्रॉसिक्यूशन को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाता है। 11वें दिन यह मैच्योर हो जाती है। कम्प्यूटर में चढ़ने के बाद सुनवाई की तिथि निर्धारित हो जाती है। उन्होंने बताया कि फरहत मसूद की अग्रिम जमानत की याचिका भी हाईकोर्ट में डाली गई है। दोनों याचिका पर अलग अलग सुनवाई होगी।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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