खगड़िया के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत विकास योजनाओं को रोके जाने का मामला गरमा गया है। इस संबंध में परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने सोमवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जाँच की माँग की है। उन्होंने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की भी अपील की है। डॉ. संजीव कुमार ने अपने पत्र में बताया है कि उनकी अनुशंसा पर लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएँ विधिवत स्वीकृत की गई थीं। इसके बावजूद, कार्यपालक अभियंता, योजना एवं विकास विभाग, खगड़िया और परबत्ता के वर्तमान विधायक के स्तर से इन योजनाओं के क्रियान्वयन को कथित तौर पर रोका गया है। पूर्व विधायक ने सरकार से आग्रह किया है कि यदि आवश्यक हो तो उनके पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष एवं विस्तृत जाँच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी माँग की कि जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनकी तत्काल भौतिक जाँच कराकर बिना किसी विलंब के भुगतान सुनिश्चित किया जाए। डॉ. कुमार ने यह भी कहा कि जिन स्वीकृत योजनाओं को कथित साजिश के तहत रोका गया है, उन्हें अविलंब प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने यह स्पष्ट करने की भी माँग की कि किनके दबाव या निर्देश पर इन योजनाओं को रोका गया है। डॉ. संजीव कुमार ने जाँच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों अथवा जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिसम्मत कार्रवाई की माँग की है। इस पत्र की प्रतिलिपि योजना एवं विकास विभाग के मंत्री, प्रधान सचिव (योजना एवं विकास विभाग) तथा जिलाधिकारी, खगड़िया को भी भेजी गई है। इस मामले पर परबत्ता के वर्तमान विधायक बाबूलाल शौर्य से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन घंटों व्यस्त बताया गया। वहीं, बिहार शहरी आधारभूत संरचना विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर ऋषिकेश कुमार ने बताया कि एक बार विधायक कार्यस्थल का निरीक्षण करने आए थे, उसी समय से कार्य बंद है। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल जिलाधिकारी के साथ बैठक में हैं और बाद में इस विषय पर विस्तृत जानकारी देंगे। उल्लेखनीय है कि परबत्ता क्षेत्र में विकास कार्यों के ठप होने से आम जनता में नाराजगी देखी जा रही है। अब लोगों की निगाहें राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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