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परबत्ता के लगार दियारा में अवैध खनन जारी:पर्यावरण और सरकारी राजस्व को नुकसान, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित लगार और राका गांव से सटे दियारा क्षेत्र में अवैध खनन का मामला सामने आया है। भू-माफिया उपजाऊ खेतों से जबरन मिट्टी की कटाई कर रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। विरोध करने पर किसानों को धमकाया जा रहा है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि इस संबंध में परबत्ता थाना पुलिस से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं। अगुवानी पंचायत के राका निवासी पंकज पाठक ने परबत्ता थाने में एक आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि जब वे अपने खेत का निरीक्षण करने गए, तो बड़ी लगार निवासी बाबू साहब और सिंटू यादव ट्रैक्टर से जबरन मिट्टी काटकर दूसरे ट्रेलर पर लोड कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपितों ने अपने साथी ज्योतिष झा और अमन को बुला लिया। पंकज पाठक का आरोप है कि उनसे एक लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई। इनकार करने पर उनके साथ गाली-गलौज, हाथापाई की गई और हथियार दिखाकर खेत से भगा दिया गया। यह शिकायत बीते शनिवार को पुलिस में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगार और राका गांव के पूर्वी छोर पर स्थित दियारा क्षेत्र में भू-माफिया और खनन माफिया का आतंक चरम पर है। आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे से रोजाना सैकड़ों ट्रेलर मिट्टी और सफेद बालू जीएन बांध के रास्ते प्रखंड के विभिन्न हिस्सों में भेजे जा रहे हैं। खनन विभाग द्वारा कभी-कभार छापेमारी की जाती है, लेकिन माफिया कथित तौर पर अपनी पहुंच और पैसों के दम पर कार्रवाई से बच निकलते हैं। भू-माफिया और खनन माफिया का गठजोड़ ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र की अधिकांश जमीन टोपोलैंड किस्म की है। कुछ भू-माफिया फर्जी कागजात के सहारे वर्षों से जमीन पर अवैध कब्जा जमाए हुए हैं। भोले-भाले किसानों को डराकर उनकी जमीन से बेदखल किया जाता है और फिर खनन माफियाओं से गठजोड़ कर लाखों रुपए की अवैध कमाई की जाती है। दबंगों की पकड़ और प्रशासनिक पहुंच के चलते शिकायतें फाइलों में ही दबकर रह जाती हैं। भय के कारण कई किसान शिकायत तक दर्ज कराने से कतराते हैं। पर्यावरण और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान अवैध खनन से न केवल किसानों की उपजाऊ जमीन नष्ट हो रही है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है। लगातार मिट्टी और बालू की कटाई से नदी की धारा प्रभावित होने लगी है, जिससे भविष्य में बाढ़ और कटाव का खतरा कई गुना बढ़ गया है। इसके साथ ही सरकार को भी बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि अवैध कमाई माफियाओं की जेब में जा रही है। स्थानीय लोगों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि दियारा क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए, भू-माफियाओं और खनन माफियाओं को चिन्हित कर सख्त कदम उठाए जाएं। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के भौगोलिक हालात भयावह हो सकते हैं, जिसका खामियाजा पूरे इलाके को भुगतना पड़ेगा। वहीं इस मामले को लेकर परबत्ता थाना के प्रभारी थाना अध्यक्ष सुमंत कुमार चौधरी ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुई है और जांच की जा रही जांचोपरांत कार्यवाही की जाएगी


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