मधुबनी जिले के पतौना थाना क्षेत्र में बाल विवाह का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पतौना थाना में कांड संख्या 26/2026 दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी अनुराग कुमार के स्व-प्रस्ताव पर यह प्राथमिकी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धाराओं 9, 10 और 11 के तहत दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग लड़की की शादी 11 मई 2025 को की गई थी। लड़की की जन्मतिथि 01 जनवरी 2008 बताई गई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विवाह के समय लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम थी, जो कानूनन अपराध है। प्राथमिकी में लड़की के पिता, मां, वर पक्ष के पिता एवं मां सहित अन्य सहयोगियों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी अवर निरीक्षक धनंजय सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ने कहा है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा समाज के लिए अभिशाप है और यह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों की शादी कराने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना दंडनीय अपराध है। इस मामले ने क्षेत्र में एक बार फिर बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।
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