शामली में आस्था के नाम पर कथित पंडितों ने पूजा-पाठ के बहाने व्यापारी से 20 लाख की ठगी कर ली। पहले पूजा के नाम पर गहनों की पोटली बनाई फिर चालाकी से उसे चावल की पोटली से बदल दिया। मौका पाते ही मौके से फरार हो गए। 8 दिन बाद जब पोटली खोली गई। तब पता चला की उनके साथ ठगी हुई है। मामला अब पुलिस जांच में है, लेकिन इस घटना ने शहर में धार्मिक आस्था के नाम पर हो रहे फ्रॉड की परतें खोल दी हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के नया बाजार निवासी व्यापारी अशोक गर्ग के घर करीब 8 दिन पहले हरिद्वार और मथुरा से आए कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने खुद को पंडित बताते हुए परिवार को ‘पितृ दोष’ और ग्रह बाधा का हवाला दिया।परिवार को विश्वास में लेने के लिए उन्होंने कुंडली और धार्मिक तर्कों का सहारा लिया। व्यापारी के अनुसार, ठगों ने दावा किया कि विशेष पूजा से घर की समस्याएं और बीमारी दूर हो सकती हैं। ऐसा बिछाया जाल ठगों ने पूजा के लिए सोने के आभूषण मंगवाए। करीब 125 से 150 ग्राम सोना एक काले कपड़े में बांधकर पोटली बनाई गई। पूजा के दौरान पंडितों ने वह पोटली व्यापारी के सिर के ऊपर से घुमाई और इसी दौरान अपने साथियों की मदद से असली पोटली बदल दी। व्यापारी को बिना शक हुए नकली पोटली थमा दी गई, जिसमें चावल भरे हुए थे, जबकि असली आभूषण ठग अपने साथ ले गए।
8 दिन बाद खुला राज, उड़ गए होश ठगों ने व्यापारी को निर्देश दिया कि पोटली को 8 दिन तक कलश में रखकर पूजा करें। परिवार ने वैसा ही किया। जब तय समय के बाद पोटली खोली गई तो उसमें सोने के गहनों की जगह चावल निकले। यह देख परिवार के होश उड़ गए। शक होने पर जब पंडितों को फोन किया गया, तो सभी नंबर बंद मिले। तब जाकर परिवार को ठगी का एहसास हुआ। ठगों की तलाश जारी पीड़ित व्यापारी ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में यह एक सुनियोजित गिरोह का काम माना जा रहा है, जो धार्मिक विश्वास का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाता है।

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