उन्नाव जिले के पंचायती राज विभाग में करोड़ों रुपये के भुगतान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विभाग ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए सामग्री आपूर्ति के नाम पर जय बुढ़वा बाबा इंटरप्राइजेज फर्म को लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये का भुगतान किया। इस भुगतान से पारदर्शिता और निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, नवाबगंज, बिछिया, पुरवा, सुमेरपुर, हसनगंज और सिकंदपुर कर्ण विकास खंडों में पंचायत कार्यों हेतु सामग्री आपूर्ति का जिम्मा इस फर्म को दिया गया। अलग-अलग ब्लॉकों में होने वाले कार्यों के बावजूद अधिकांश भुगतान इसी एक संस्था के खाते में किए गए। अन्य स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को दरकिनार कर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया जा रहा है। शासन ने जांच के आदेश दिए मामला उजागर होने के बाद शासन ने संपूर्ण भुगतान प्रक्रिया, टेंडर आवंटन, सामग्री आपूर्ति और गुणवत्ता से जुड़े अभिलेखों की जांच के निर्देश जारी किए हैं। संबंधित ब्लॉकों से बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र तलब किए गए हैं। जांच टीम यह भी देखेगी कि सामग्री वास्तविक रूप से आपूर्ति हुई या केवल कागजी रूप से धनराशि जारी की गई। विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया डीपीआरओ आलोक सिन्हा ने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यदि अनियमितता सिद्ध होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना है। बड़े खुलासे की उम्मीद फिलहाल शासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। विशेषज्ञों का मानना है कि जांच के बाद पूरे मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो विभागीय कार्यप्रणाली और भुगतान प्रक्रिया में गंभीर सवाल खड़े करेंगे।

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