नए साल के मौके पर इस बार बिहार के लोग घरों में बैठकर जश्न मनाने के बजाय देश-विदेश घूमने निकल पड़े हैं। नए साल में करीब 31 हजार से ज्यादा लोग बिहार से बाहर ट्रैवल कर रहे हैं। सरकारी छुट्टियां, बच्चों की विंटर वेकेशन और ठंड के मौसम के कारण ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं, जबकि नए कपल्स की पहली पसंद मनाली और शिमला बनी हुई है। वहीं, अधिकारी लोग भी इस समय ज्यादातर अपने परिवार के साथ बाहर ट्रैवल कर रहे। ट्रैवल इंडस्ट्री पर इंडिगो क्राइसिस की मार नए साल से ठीक पहले तक ट्रैवल इंडस्ट्री पर इंडिगो क्राइसिस की मार देखने को मिल रही थी। इस संकट के दौरान अचानक बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल हुईं। टिकट के दाम आसमान छूने लगे और यात्रियों को रीशेड्यूल या कैंसिलेशन को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर पटना, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे रूट्स पर यात्रियों को या तो फ्लाइट कैंसिलेशन झेलनी पड़ी या फिर अत्यधिक महंगे टिकट खरीदने पड़े। इसी वजह से कई लोगों ने अपने ट्रैवल प्लान उस वक्त टाल दिए थे। दोस्तों संग गोवा जाने का प्लान, इंडिगो क्राइसिस के बाद बदली योजना दरियापुर गोला के व्यापारी अमन पांडे ने भी इंडिगो क्राइसिस के दौरान अपनी परेशानी साझा की। अमन पांडे ने बताया कि इंडिगो क्राइसिस की वजह से मेरी फ्लाइट उस वक्त कैंसिल हो गई थी। एयरलाइन की तरफ से हमें रीशेड्यूल का ऑप्शन दिया गया था, लेकिन मैंने उस वक्त टिकट कैंसिल कर दिया था। अमन पांडे ने आगे बताया, ‘इसके बाद हम लोगों ने नए साल में बाहर जाने का प्लान बनाया। जब दोबारा टिकट बुक किया तो वही टिकट मुझे उस वक्त से भी कम रेंज में मिल गया। इसी वजह से मैंने नए साल में गोवा जाने का प्लान फिक्स कर लिया।’ उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने 6 दोस्तों के साथ गोवा जा रहा हूं और वहां करीब 5 दिन रुकूंगा। गोवा के बारे में पहले से जानकारी थी और दोस्तों के साथ घूमने के लिए गोवा सबसे सही जगह लगा। इसलिए नए साल में दोस्तों के साथ गोवा जाने का फैसला लिया। ट्रैवल एजेंट बोले– अब हालात सामान्य, ट्रैवलिंग का सही समय टूर एंड ट्रैवल एजेंट गोखलेश कुमार ने बताया कि, इंडिगो क्राइसिस के समय में ट्रैवल करने में लोगों को काफी परेशानी हो रही थी, लेकिन भारत सरकार ने जो कैपिंग लगाई है, उसके बाद कई एयरलाइंस ने अपना फेयर ठीक कर लिया है। अगर हम अगले दिन के लिए भी मुंबई का टिकट ले रहे हैं, तो 7 से 8 हजार रुपए के बीच में टिकट मिल जा रहा है। पटना से बेंगलुरु में भी कई एयरलाइंस में मात्र 7 से 8 हजार रुपए में टिकट मिल रहा है। ऐसे में लोगों को बेनीफिट हो रहा है और अभी एकदम सही समय है ट्रैवल करने के लिए। पिछले साल से ज्यादा इस साल लोग जा रहे बाहर उन्होंने नए साल के ट्रेंड को लेकर कहा कि नए साल में लोग सबसे ज्यादा बाली, मालदीव, श्रीलंका, दुबई और गोवा जा रहे हैं। डोमेस्टिक टूरिज्म भी बहुत अच्छा चल रहा है, जिसमें पुरी का भगवान जगन्नाथ मंदिर जाने वाले पर्यटकों की संख्या बेहद ज्यादा है। इस सीजन में सरकारी छुट्टियां होने की वजह से ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ घूमने निकल रहे हैं। पिछले साल से ज्यादा इस साल लोग नए साल में बाहर ट्रैवल करना पसंद कर रहे हैं और मेरे पास अब तक 40 से ज्यादा बुकिंग आ चुकी हैं।” अंडमान में होटल फुल, गोवा एवरग्रीन डेस्टिनेशन दूसरे टूर एंड ट्रैवल एजेंट सौरव खेमका ने बताया कि, ‘पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा लोग नए साल में बाहर जा रहे हैं। इंडिया में सबसे ज्यादा लोग इस समय अंडमान जाना पसंद कर रहे हैं। अंडमान की स्थिति यह है कि मुझे करीब 20 बुकिंग कैंसिल करनी पड़ी है, क्योंकि वहां अब रूम भी अवेलेबल नहीं हैं और लगभग सारे होटल फुल चल रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि हमारे यहां ठंड काफी ज्यादा पड़ रही है, जबकि अंडमान में ठंड नहीं होती। अभी सरकारी छुट्टियां भी हैं, इसलिए एक साथ काफी लोगों ने वहां की बुकिंग करा ली है। अंडमान के बाद सबसे ज्यादा बुकिंग मनाली की आई है। गोवा तो एवरग्रीन डेस्टिनेशन है, जहां हर सीजन में लोग जाना पसंद करते हैं। हनीमून कपल शिमला-मनाली जाना कर रहे पसंद विदेश यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि थाईलैंड, दुबई और मलेशिया इस बार विदेश जाने वालों की पहली पसंद बने हुए हैं। हनीमून कपल्स मनाली और शिमला ज्यादा जाना पसंद कर रहे हैं। बच्चों की छुट्टियों की वजह से ज्यादातर लोग परिवार के साथ ही घूमने जा रहे हैं। नए साल को लेकर अब तक मेरे पास 100 से ज्यादा बुकिंग आ चुकी हैं। यह सीजन पूरी दुनिया में पिक टाइम होता है और इसी वजह से कई जगहों पर होटल का भी क्राइसिस चल रहा है। इंडिगो क्राइसिस में कई लोगों ने अपने प्रोग्राम किए थे कैंसिल दरअसल, इंडिगो क्राइसिस के दौरान विमान उपलब्धता, ऑपरेशनल दिक्कतों और अचानक बढ़ी डिमांड के कारण कई फ्लाइट्स या तो कैंसिल हुईं या फिर रीशेड्यूल की गईं। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा। किराए कई गुना तक बढ़ गए और आम यात्रियों के लिए ट्रैवल करना मुश्किल हो गया। हालांकि बाद में भारत सरकार की ओर से एयरफेयर कैपिंग लगाए जाने के बाद हालात में सुधार हुआ। सरकार के हस्तक्षेप के बाद एयरलाइंस को किराए नियंत्रित करने पड़े, जिससे यात्रियों को राहत मिली और ट्रैवल दोबारा पटरी पर लौटा।
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