न्यू ईयर के अवसर पर सहरसा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिषी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक उग्रतारा स्थान और सहरसा शहर के मत्स्यगंधा स्थित रक्त काली मंदिर में सुबह से ही सैकड़ों भक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। दीप जला परिवार की खुशहाली की कामना उग्रतारा स्थान में श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों ने दीप जलाकर, नारियल, फूल और प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना की। नववर्ष के मौके पर मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे दर्शन सुचारु रूप से संपन्न हुए। सहरसा शहर के मत्स्यगंधा स्थित प्रसिद्ध रक्त काली मंदिर में भी नववर्ष पर आस्था का सैलाब उमड़ा। यहां विशेष रूप से युवक-युवतियों, महिलाओं और पुरुषों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने मां काली की पूजा-अर्चना कर नए साल में सफलता, स्वास्थ्य और शांति की प्रार्थना की। इन दोनों प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने सहरसा जिले में धार्मिक आस्था और परंपराओं के विशेष महत्व को रेखांकित किया। लोगों ने साल की शुरुआत देवी-देवताओं के दर्शन से कर सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास के साथ नए साल में प्रवेश किया।
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