स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं के आसपास अभी भी काफी जमीन खाली पड़ी है, जिसका आवंटन नहीं हो सका है। प्राधिकरण अब इन जमीन को लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान रेट के हिसाब से जमीन का आवंटन किया जाएगा जबकि बिल्डर पुराने रेट के आधार पर जमीन लेना चाह रहे हैं। सेक्टर-150 के एससी-02 भूखंड के लिए 13 लाख 29 हजार वर्ग मीटर जमीन का आवंटन हो चुका है। प्राधिकरण ने यह भूखंड एक बिल्डर को दिया था। बिल्डर ने आगे इस भूखंड को 24 छोटे टुकड़ों में छोटे बिल्डरों को बेच दिया। इनमें 13 भूखंड पर ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के नक्शे प्राधिकरण ने पास किए हुए हैं। इन परियोजनाओं के बीच में कई जगहों पर खाली जमीन पड़ी हुई है। बिल्डरों की तरफ से इस जमीन की मांग अतिरिक्त जमीन के तौर पर आवंटन की प्राधिकरण से की गई है। वर्तमान रेट पर मिलेगी जमीन
बिल्डर 2014 के समय की दरों पर जमीन मांग रहे हैं। लेकिन प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नई जमीन जो भी दी जाएगी वह वर्तमान रेट पर ही दी जाएगी। इस समय इस सेक्टर का आवंटन रेट करीब 47 हजार 200 रुपये वर्ग मीटर है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर में उपविभाजन के बाद जो भूखंड निकाले गए हैं उनके बीच-बीच में कई जगहों पर जमीन छूटी हुई है। किसानों से नहीं मन रहा सामंजस्य
छूटी जमीन का क्षेत्रफल इतना ज्यादा नहीं है कि उसे नए भूखंड के तौर पर मान्यता दी जा सके। इसको देखते हुए प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है कि वर्तमान रेट पर अगर बिल्डर मांगेंगे तो जमीन आंवटित की जाएगी। सेक्टर में कुछ जमीन का अभी अधिग्रहण नहीं हुआ है। किसानों से प्राधिकरण का सामंजस्य नहीं बन पा रहा है या न्यायालय में केस चल रहा है। बिल्डर करे किसानों से समझौता
ऐसे प्रकरण में बिल्डर अगर समझौता कर किसानों से प्राधिकरण को जमीन दिलवाते हैं तो उसका आवंटन अतिरिक्त जमीन के मानक के अनरूप ही प्राधिकरण करेगा। सेक्टर-150 के एससी-02 भूखंड के संशोधित मास्टर ले आउट प्लान को लेकर प्राधिकरण ने आपत्ति मांगी थी। इस पर 14 आपत्तियां आईं थीं जिनका निस्तारण कर दिया गया है।

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