नेपाल की राजधानी काठमांडू में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल की संवेदनशील सोनौली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीमा पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर अलर्ट मोड में हैं। सोनौली सीमा के साथ-साथ उन सभी कच्चे रास्तों और पगडंडियों पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है, जहां से आमतौर पर स्थानीय आवाजाही होती है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम लगातार गश्त कर रही है। सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि हर व्यक्ति की पहचान की गहन जांच की जाए और संदिग्ध लगने पर तत्काल पूछताछ की जाए। बताया जा रहा है कि नेपाल में राजनीतिक हलचल के मद्देनजर सीमा के रास्ते किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही या गतिविधि को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण सतर्कता बढ़ाना जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
22वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट सी विवेक ने बताया कि एसएसबी अलर्ट पर है और वाहनों तथा हर आने-जाने वाले की सघन जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सीमा क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर चौकसी बढ़ाई गई है। भारत और नेपाल के बीच गहरे सामाजिक और आर्थिक संबंधों को देखते हुए इस तरह की घटनाओं का सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ता है। ऐसे में सोनौली सीमा पर सुरक्षा का सख्त होना स्वाभाविक माना जा रहा है। प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को दें।

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